Overview
भारत सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट्स को निष्क्रिय छोड़ रहा है क्योंकि ग्रिड में आधुनिक क्षमता की कमी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा ग्रिड को उन्नत तकनीकों के साथ अपग्रेड करने और महत्वपूर्ण नोड्स पर स्टोरेज जोड़ने से 1,000 GW तक की नई स्वच्छ ऊर्जा खोल सकती है, बिना ट्रांसमिशन लाइनों के लिए अतिरिक्त भूमि प्राप्त किए।
Key Developments
- भारत एक बड़े बदलाव की कगार पर है: सोलर और विंड अब बिजली के सबसे सस्ते स्रोत बन गए हैं।
- 2025 में, 45 GW से अधिक नवीकरणीय क्षमता जोड़ी गई, जो लगभग United States' annual addition के बराबर है।
- विश्व के सबसे कम बैटरी लागतों में से कुछ के साथ मिलाकर, भारत अब लगभग ₹3.5 per kWh पर स्थिर स्वच्छ शक्ति प्रदान कर सकता है।
- ग्रिड को अपग्रेड करने और प्रमुख नोड्स पर स्टोरेज स्थापित करने से अतिरिक्त 1,000 GW स्वच्छ क्षमता मुक्त हो सकती है, जिससे नई ट्रांसमिशन कॉरिडोर की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
Important Facts
बंद हो गई क्षमता कई दसियों गिगावॉट तक है – एक आंकड़ा जो यदि ग्रिड सक्षम हो तो लाखों घरों को ऊर्जा प्रदान कर सकता है। स्थिर स्वच्छ शक्ति प्रदान करने की वर्तमान लागत, ₹3.5/kWh, कोयला‑आधारित टैरिफ़ के समान है, जिससे नवीकरणीय वित्तीय रूप से आकर्षक बनते हैं। कम बैटरी लागत एक वैश्विक प्रवृत्ति है, लेकिन भारत को घरेलू उत्पादन और पैमाने से लाभ मिलता है।
Exam Relevance
इस मुद्दे को समझना आवश्यक है