सारांश
India Meteorological Department (IMD) ने 4 जून 2026 को घोषणा की कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून अंततः केरल में प्रवेश कर गया। यह आगमन सामान्य शुरुआत तिथि 1 जून से तीन दिन बाद और विभाग के अपने पूर्वानुमान से चार दिन बाद था।
मुख्य विकास
- IMD ने केरल में 4 जून 2026 को मानसून की शुरुआत की पुष्टि की।
- पिछली रात से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई।
- Alappuzha, Kottayam, और Ernakulam जिलों के लिए तीन घंटे की अवधि के लिए एक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
- दिल्ली ने न्यूनतम तापमान 29.7 °C दर्ज किया और बारिश व गरज के लिए एक येलो अलर्ट जारी किया गया।
- IMD का प्रोजेक्शन है कि भारत इस वर्ष लगभग 90 % लोंग‑पीरियड औसत (LPA) वर्षा प्राप्त करेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
विभाग ने प्रारंभ में 26 मई 2026 को मानसून की शुरुआत की उम्मीद की थी। देरी के बाद, 29 मई 2026 को संशोधित अनुमान ने सुझाव दिया कि शुरुआत अगले सप्ताह हो सकती है। LPA एक मानक है जिसका उपयोग नीति निर्माताओं द्वारा यह आकलन करने के लिए किया जाता है कि मानसून ट्रैक पर है या नहीं। 90 % LPA का पूर्वानुमान थोड़ा औसत से नीचे का मौसम दर्शाता है, जो कृषि उत्पादन और जल‑संसाधन योजना को प्रभावित कर सकता है।
UPSC प्रासंगिकता
मानसून की गतिशीलता को समझना कई UPSC विषयों के लिए आवश्यक है:
- Geography (GS2): मानसून के स्थानिक और कालिक पैटर्न, इसका क्षेत्रीय जलवायु पर प्रभाव, और क्लाउड मूवमेंट की निगरानी में INSAT उपग्रह की भूमिका।
- Economy (GS3): कृषि भारत के GDP और रोजगार में बड़ा हिस्सा रखती है; देर से या कमजोर मानसून खाद्य कीमतों, महंगाई, और राजकोषीय योजना को प्रभावित कर सकता है।
- Environment (GS3): ...