India ने ‘Sagar Manthan’, एक स्वदेशी निर्मित समुद्री‑अनुसंधान पोत, GRSE शिपयार्ड में लॉन्च किया। यह पोत, जिसकी लागत लगभग ₹840 crore है, NCPOR के लिए निर्मित किया जा रहा है, और 2028 की शुरुआत तक सेवा में शामिल होने के लिए निर्धारित है।
मुख्य विकास
- लॉन्च 9 September 2026 को हुआ, जो केल स्थापित होने के केवल पाँच महीने बाद था, जिससे तेज़ निर्माण क्षमता प्रदर्शित होती है।
- यह पोत Deep Ocean Mission का हिस्सा है, जो भारत के समुद्री अनुसंधान बेड़े को विस्तारित करने की प्रमुख पहल है।
- यह Indian Ocean, Bay of Bengal, विषुववर्ती जल और Southern Ocean around Antarctica में संचालित होगा।
- उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों में सब‑बॉटम प्रोफाइलर, सिस्मिक गियर, एक डॉप्लर मौसम रडार और AUVs तथा ROVs के लिए सुविधाएँ शामिल हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- लंबाई: 89.5 m; बीम: 18.8 m; ग्रॉस टनज: 5,900 t.
- अधिकतम गति: 14 knots, 90 % निरंतर रेटिंग पर।
- 6 km जल गहराई तक मल्टीबीम स्वाथ सर्वेक्षण और भूभौतिकीय सिस्मिक कार्य करने की क्षमता।
- CTD प्रोफाइलिंग, जल और जैविक सैंपलिंग, समुद्री तल कोरिंग, रॉक ड्रेजिंग और मोरिंग ऑपरेशन्स के लिए सुसज्जित।
- ऑन‑बोर्ड लैब्स वास्तविक‑समय डेटा विश्लेषण, प्रोसेसिंग और वैज्ञानिकों एवं तकनीशियनों के प्रशिक्षण की अनुमति देंगे।
- समुद्री खनिज संसाधनों जैसे manganese nodules और पॉलीमेटालिक सल्फाइड्स की खोज को समर्थन देगा।
UPSC प्रासंगिकता
यह लॉन्च India की रणनीतिक पहल को blue economy और समुद्री सुरक्षा में दर्शाता है।
Headline
Sagar Manthan India की blue economy और Deep Ocean Mission के तहत गहरी समुद्री अनुसंधान को सुदृढ़ करता है।
AI Summary
India ने Deep Ocean Mission के तहत स्वदेशी निर्मित अनुसंधान पोत Sagar Manthan लॉन्च किया, जिसकी लागत लगभग ₹840 crore है और यह 2028 की शुरुआत तक सेवा में शामिल होने के लिए निर्धारित है। यह पोत उन्नत समुद्री‑विज्ञान उपकरणों से सुसज्जित है, जो India की blue‑economy, समुद्री सुरक्षा और गहरी समुद्री खनिज अन्वेषण की क्षमता को बढ़ाता है – UPSC परीक्षाओं के लिए एक प्रमुख विषय।
Context
यह पोत India के Deep Ocean Mission का हिस्सा है, जो समुद्री अनुसंधान क्षमता को विस्तारित करने, समुद्री तल के खनिजों के सतत दोहन का समर्थन करने और समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह blue‑economy एजेंडा और Ministry of Earth Sciences की स्वदेशी प्रौद्योगिकी की पहल के साथ संरेखित है।
Mains Angle
एक Mains उत्तर (GS III) में, चर्चा करें कि Sagar Manthan कैसे India की वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता, blue‑economy विकास और Indian Ocean तथा Antarctic क्षेत्रों में रणनीतिक उपस्थिति को आगे बढ़ाता है।