समीक्षा
On 22 May 2026 in Geneva, India and Ethiopia ने एक द्विपक्षीय प्रवेश प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए, जो Ethiopia के WTO में प्रवेश को चिह्नित करता है। प्रवेश प्रक्रिया को समझना UPSC के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि WTO अक्सर Pre‑lims और Mains दोनों में आता है, विशेष रूप से हालिया 14वें मंत्री सम्मेलन (MC14) के बाद।
WTO प्रवेश प्रक्रिया में प्रमुख विकास
- 1. सदस्यता अनुरोध – उम्मीदवार देश औपचारिक रूप से WTO से सदस्य बनने का अनुरोध करता है।
- 2. Working Party formation – The General Council एक Working Party बनाता है। कोई भी WTO सदस्य किसी भी चरण में शामिल हो सकता है।
- 3. Trade‑regime review & law reform – The Working Party आवेदक के व्यापार कानूनों की जांच करता है। गैर‑अनुपालन क्षेत्रों को संशोधित करना होगा और WTO नियमों को राष्ट्रीय विधायन में सम्मिलित किया जाना चाहिए।
- 4. Bilateral market negotiations – The applicant व्यक्तिगत Working Party सदस्यों के साथ बाजार‑उद्घाटन प्रतिबद्धताओं पर बातचीत करता है। परिणाम दो शेड्यूल में संकलित होते हैं: Goods Schedule और Services Schedule.
- 5. Accession package adoption – The Working Party पाँच‑दस्तावेज़ीय पैकेज (Report, Goods Schedule, Services Schedule, Protocol of Accession, और General Council/Ministerial decision) को अपनाता है।
- 6. Full membership – The candidate 30 दिनों के बाद WTO सदस्य बन जाता है, जब WTO को आवेदक देश में ratification की सूचना मिलती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
Accession पैकेज MFN सिद्धांत को दर्शाता है: प्रवेश पर, सभी टैरिफ प्रतिबद्धताएँ प्रत्येक WTO सदस्य को समान शर्तों पर दी जाती हैं। वर्तमान WTO Director‑General Dr. Ngozi Okonjo‑Iweala हैं, जो इस पद पर पहली महिला और पहली अफ्रीकी हैं। WTO का dispute‑settlement शाखा, Appellate Body, अधिकांशतः निष्क्रिय है क्योंकि सदस्य राज्य ने उसकी रिक्तियों को नहीं भरा है।