सारांश
India और Japan के बीच Joint Crediting Mechanism को 08 June 2026 को उसका औपचारिक Rule of Implementation प्राप्त हुआ। यह नियम Article 6.2 के तहत Paris Agreement के सहयोग को कार्यान्वित करता है। यह कदम India की जलवायु‑कार्यवाही एजेंडा को मजबूत करता है और कम‑कार्बन निवेश के लिए अवसर खोलता है।
मुख्य विकास
- MoEFCC (Ministry of Environment, Forest and Climate Change) और Japanese Ministry of Environment द्वारा Rule of Implementation को अपनाना।
- मेकैनिज़्म को प्रबंधित करने के लिए Joint Committee की स्थापना।
- परियोजना अनुमोदन, थर्ड‑पार्टी वैलिडेशन और वेरिफिकेशन, तथा राष्ट्रीय रजिस्ट्री के माध्यम से क्रेडिट ट्रैकिंग के लिए स्पष्ट प्रक्रियाएँ।
- परियोजनाओं को सामाजिक और आर्थिक लाभ भी प्रदान करने के लिए सतत‑विकास सुरक्षा उपायों का समावेश।
महत्वपूर्ण तथ्य
2025 में हस्ताक्षरित पहले के Memorandum of Cooperation ने इस नियम की नींव रखी। इस मेकैनिज़्म के तहत, प्रत्येक स्वीकृत परियोजना कार्बन क्रेडिट उत्पन्न करेगी जिसे दोनों देशों के बीच स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे दोनों अपने NDCs को पूरा कर सकें। नियम पारदर्शिता बनाए रखने के लिए थर्ड‑पार्टी वैलिडेशन और वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य करता है।
UPSC प्रासंगिकता
UNFCCC – United Nations Framework Convention on Climate Change, वह अंतर्राष्ट्रीय संधि जो Paris Agreement की मेजबानी करती है और वैश्विक जलवायु को दिशा देती है, को समझना।