समीक्षा
World Environment Day 2026 पर, Ministry of Commerce & Industry ने Geneva में WTO Trade and Environment Week के दौरान एक विशेष सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम ने सतत विकास, स्वच्छ‑ऊर्जा संक्रमण में India की प्रगति और Nationally Determined Contributions (NDCs) के तहत उसकी प्रतिबद्धताओं को उजागर किया।
मुख्य विकास
- Carbon Credit Trading Scheme (CCTS) की प्रस्तुति और उसका राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ॉर्म।
- National Green Hydrogen Mission के तहत "green" hydrogen को वर्गीकृत करने के मानकों की परिचय।
- जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ व्यापार‑संबंधी जलवायु उपायों और विकासशील देशों द्वारा सामना किए जाने वाले चुनौतियों पर चर्चा।
- Bureau of Energy Efficiency (BEE), Ministry of Power, Ministry of New and Renewable Energy और Ministry of Environment, Forest and Climate Change द्वारा सहयोगी कार्य का प्रदर्शन।
महत्वपूर्ण तथ्य
- Non‑fossil fuel आधारित स्थापित क्षमता मार्च 2026 में 53.21 % तक पहुंच गई, जो 2030 के 50 % लक्ष्य से लगभग पाँच साल आगे है।
- India की GDP की उत्सर्जन तीव्रता 2005‑2022 के बीच 37.38 % घट गई, जो 2030 तक 33‑35 % कमी के NDC लक्ष्य से अधिक है।
- CCTS का लक्ष्य एक पारदर्शी, इलेक्ट्रॉनिक कार्बन क्रेडिट बाजार बनाना है, जिससे GHG‑कम करने वाले प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन मिले।
- “green hydrogen” के लिए तकनीकी मानदंड जारी किए गए, जो उत्पादकों और निवेशकों के लिए स्पष्ट उत्सर्जन सीमा निर्धारित करते हैं।
UPSC प्रासंगिकता
सत्र दर्शाता है कि India कैसे जलवायु नीति को व्यापार के साथ एकीकृत करता है, जो GS 3: Economy और GS 4: Ethics में एक प्रमुख विषय है। CBDR‑RC सिद्धांत को समझना ...