February 2026 में, India का trade balance लगभग $4 billion के घाटे में गिर गया, जो एक साल पहले दर्ज $2.7 billion के अधिशेष को उलटता है। यह परिवर्तन मुख्यतः स्थिर merchandise exports और वस्तुओं एवं सेवाओं के आयात में तेज़ वृद्धि के कारण हुआ।
मुख्य विकास (February 2026)
- कुल निर्यात (goods + services) 11% बढ़कर $76.1 billion हो गया।
- कुल आयात 21.7% बढ़कर $80.1 billion हो गया, जिससे घाटा बढ़ा।
- Merchandise exports लगभग अपरिवर्तित रहे, $36.6 billion पर (YoY $36.9 billion से घटकर)।
- Merchandise imports 24.2% बढ़कर $63.7 billion हो गया।
- Services exports लगभग 25% बढ़कर $39.5 billion हो गया, जबकि services imports 13% बढ़कर $16.4 billion हो गया।
आधिकारिक टिप्पणी
Commerce Secretary Rajesh Agrawal ने चेतावनी दी कि मार्च में निर्यात में और गिरावट हो सकती है क्योंकि चल रहे West Asia conflict के कारण। उन्होंने “logistics challenges” को उजागर किया जहाँ एक भौगोलिक क्षेत्र में प्रतिबंध निर्यात प्रवाह को रोक सकते हैं, जिससे संभावित रूप से गिरावट का रुझान बन सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- निर्यात वृद्धि मुख्यतः services द्वारा संचालित थी; goods निर्यात में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं देखी गई।
- आयात वृद्धि व्यापक थी, जिसमें merchandise और services दोनों आयात में तेज़ वृद्धि हुई।
- घाटा एक संरचनात्मक असंतुलन को दर्शाता है: आयातित इनपुट और ऊर्जा की उच्च मांग, साथ ही निर्यात बास्केट की सीमित विविधता।
UPSC प्रासंगिकता
डेटा कई GS‑paper विषयों को छूता है: GS3 – Economy (trade balance, export‑import dynamics, logistics), GS1 – International Relations (impact of geopolitical tensions in West Asia on trade), और GS2 –