समीक्षा
India और United Arab Emirates शुरुआती चरण की बातचीत में हैं ताकि दो प्रमुख भारतीय रक्षा प्रणालियों – BrahMos मिसाइल और Akashteer एअर‑डिफेंस सिस्टम – को बेचा जा सके। यह चर्चा Gulf में इरान के हमलों के बाद बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बाद हुई है।
मुख्य विकास
- UAE ने कई भारतीय हथियारों में रुचि दिखाई है, विशेष रूप से BrahMos और Akashteer।
- स्रोतों के अनुसार बातचीत प्रारंभिक चरण में है लेकिन तेजी से आगे बढ़ रही है।
- BrahMos की कोई भी बिक्री संयुक्त विकास समझौते के कारण रूस की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
- UAE ने हाल ही में South Korea के साथ $35 बिलियन से अधिक मूल्य का MOU रक्षा सहयोग के लिए हस्ताक्षर किया।
- Gulf राज्य पहले से ही US सिस्टम जैसे ATACMS, THAAD और Patriot का उपयोग करता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- India की रक्षा निर्यात FY 2025‑26 में $4 बिलियन से अधिक हो गई, जो 2013‑14 में $7.26 मिलियन से बढ़ी है।
- India विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीदार है, जो वैश्विक आयात का 8 % से अधिक हिस्सा रखता है (SIPRI डेटा)।
- SIPRI के अनुसार, US ने West Asia को 54 % हथियार सप्लाई किए (2021‑202