Overview
एक हालिया ISRO अध्ययन, जो *NPJ Natural Hazards* में प्रकाशित हुआ, 5 अगस्त 2025 को Dharali village, Uttarakhand में आई फ्लैश बाढ़ का विश्लेषण करता है। इस बाढ़ में छह लोगों की जान गई, जो Srikanta Glacier पर उजागर बर्फ‑पैच के अचानक ढहने से उत्पन्न हुई। यह शोध इस बात को रेखांकित करता है कि गर्मी से प्रेरित deglaciation ज्ञात ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट बाढ़ (GLOF) से परे नए खतरे पैदा करता है।
Key Developments
- घटना से पहले satellite observations ने ग्लेशियर के उत्तरमुखी ढालों पर अभ्लेशन मौसम के दौरान उजागर बर्फ‑पैच की पहचान की।
- उजागर बर्फ‑पैच ढह गया, जिससे बर्फ, पिघला पानी और मलबा निकलकर Khir Gad धारा में तेज़ी से नीचे आया, और गाँव को तोड़ दिया।
- यह अध्ययन पहचाने गए हिमालयी ग्लेशियर खतरों को विस्तारित कर cryospheric अस्थिरताओं जैसे बर्फ‑पैच विफलताओं को शामिल करता है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: इस क्षेत्र ने जून 2013 की बाढ़ के दौरान बड़े पैमाने पर भू‑स्खलन देखे थे, जो जलवायु‑संबंधी भू‑आकृतिक खतरों के पैटर्न को दर्शाता है।
Important Facts
शोध क्षेत्र Srikanta Glacier (ऊँचाई 6,133 m) से लेकर Dharali (2,650‑2,700 m) तक की रिज‑से‑वैली प्रणाली को कवर करता है। इस ग्लेशियर में तीव्र संचय और अभ्लेशन क्षेत्र, विस्तृत nivation खोखले, और पर्वतारोहियों द्वारा रिपोर्ट किए गए अस्थिर बर्फीय सतहों का इतिहास है। फ्लैश बाढ़ तब बढ़ गई क्योंकि Khir Gad धारा गाँव को दो हिस्सों में बाँटती है, जिससे दोनों किनारों पर अचानक जल प्रवाह का सामना करना पड़ा।
UPSC Relevance
इन उभरते खतरों को समझना कई GS पेपरों के लिए महत्वपूर्ण है:
- GS 3 (Environment & Climate Change): बर्फ़ पिघलना (Deglaciation) के बीच के संबंध ...
