ISRO अध्ययन ने ग्लेशियर बर्फ‑पैच के ढहने को 2025 धराली फ्लैश बाढ़ से जोड़ा – क्रायोस्फेरिक खतरे की निगरानी के लिए निहितार्थ — UPSC Current Affairs | March 16, 2026
ISRO अध्ययन ने ग्लेशियर बर्फ‑पैच के ढहने को 2025 धराली फ्लैश बाढ़ से जोड़ा – क्रायोस्फेरिक खतरे की निगरानी के लिए निहितार्थ
ISRO के वैज्ञानिकों ने 5 अगस्त 2025 को उत्तराखंड के धराली में हुई फ्लैश बाढ़ का अध्ययन किया, जिसे Srikanta Glacier पर उजागर बर्फ‑पैच के ढहने से जोड़ा। इस शोध से यह स्पष्ट होता है कि बर्फ़ पिघलना (deglaciation) और बर्फ़ के नीचे जमाव (nivation) बर्फ‑पैच को उजागर करते हैं, जो तेज़ी से विफल हो सकते हैं, जिससे हिमालयी क्रायोस्फेरिक खतरों के लिए एक प्रारंभिक चेतावनी उपकरण के रूप में व्यवस्थित satellite monitoring की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
Overview एक हालिया ISRO अध्ययन, जो *NPJ Natural Hazards* में प्रकाशित हुआ, 5 अगस्त 2025 को Dharali village, Uttarakhand में आई फ्लैश बाढ़ का विश्लेषण करता है। इस बाढ़ में छह लोगों की जान गई, जो Srikanta Glacier पर उजागर बर्फ‑पैच के अचानक ढहने से उत्पन्न हुई। यह शोध इस बात को रेखांकित करता है कि गर्मी से प्रेरित deglaciation ज्ञात ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट बाढ़ (GLOF) से परे नए खतरे पैदा करता है। Key Developments घटना से पहले satellite observations ने ग्लेशियर के उत्तरमुखी ढालों पर अभ्लेशन मौसम के दौरान उजागर बर्फ‑पैच की पहचान की। उजागर बर्फ‑पैच ढह गया, जिससे बर्फ, पिघला पानी और मलबा निकलकर Khir Gad धारा में तेज़ी से नीचे आया, और गाँव को तोड़ दिया। यह अध्ययन पहचाने गए हिमालयी ग्लेशियर खतरों को विस्तारित कर cryospheric अस्थिरताओं जैसे बर्फ‑पैच विफलताओं को शामिल करता है। ऐतिहासिक संदर्भ: इस क्षेत्र ने जून 2013 की बाढ़ के दौरान बड़े पैमाने पर भू‑स्खलन देखे थे, जो जलवायु‑संबंधी भू‑आकृतिक खतरों के पैटर्न को दर्शाता है। Important Facts शोध क्षेत्र Srikanta Glacier (ऊँचाई 6,133 m) से लेकर Dharali (2,650‑2,700 m) तक की रिज‑से‑वैली प्रणाली को कवर करता है। इस ग्लेशियर में तीव्र संचय और अभ्लेशन क्षेत्र, विस्तृत nivation खोखले, और पर्वतारोहियों द्वारा रिपोर्ट किए गए अस्थिर बर्फीय सतहों का इतिहास है। फ्लैश बाढ़ तब बढ़ गई क्योंकि Khir Gad धारा गाँव को दो हिस्सों में बाँटती है, जिससे दोनों किनारों पर अचानक जल प्रवाह का सामना करना पड़ा। UPSC Relevance इन उभरते खतरों को समझना कई GS पेपरों के लिए महत्वपूर्ण है: GS 3 (Environment & Climate Change) : बर्फ़ पिघलना (Deglaciation) के बीच के संबंध ...