अवलोकन
Union Ministry of Space ने March 2026 तक सात प्रमुख मिशन निर्धारित किए थे। 2026 की पहली तिमाही के अंत तक, केवल LVM3 M6 मिशन 24 December 2025 को सफल रहा। शेष पाँच लॉन्च प्रयास जो शुरुआती 2026 के लिए निर्धारित थे, अभी तक नहीं हुए हैं, और Indian Regional Navigation Satellite System (NavIC) को एक गंभीर क्लॉक विफलता का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य विकास (Jan‑Mar 2026)
- विफल लॉन्च: PSLV C62/EOS‑N1 ने अपनी कक्षा नहीं प्राप्त की; HLVM3‑G1/OM1 (अमानवीय Gaganyaan परीक्षण) अभी भी लंबित है; GSLV‑F17/EOS‑05, PSLV C63/TDS‑01, PSLV‑N1/EOS‑10 (पहला NSIL‑साकार PSLV) और SSLV‑L1/NSIL अभी तक लॉन्च नहीं हुए।
- NavIC बाधा: IRNSS‑1F पर एटॉमिक क्लॉक 13 March 2026 को विफल हो गया। अब केवल बारह IRNSS उपग्रहों में से तीन के क्लॉक कार्यशील हैं; विश्वसनीय पोजिशनिंग के लिए न्यूनतम चार आवश्यक हैं।
- Gaganyaan कार्यक्रम: CE20 इंजन का समुद्र‑स्तर हॉट‑टेस्ट 22 टन थ्रस्ट उत्पन्न किया, जिससे क्रू मिशन के लिए तत्परता की पुष्टि हुई। ISRO ने AIIMS के साथ अंतरिक्ष‑चिकित्सा अनुसंधान के लिए एक शोध साझेदारी भी की।
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: