Skip to main content
Loading page, please wait…
HomeCurrent AffairsEditorialsGovt SchemesLearning ResourcesUPSC SyllabusPricingAboutUPSC AI ToolsUPSC AI ToolAI for UPSCUPSC ChatGPT

© 2026 Vaidra. All rights reserved.

PrivacyTerms
Vaidra Logo
Vaidra

Top 7 items + smart groups

UPSC GPT
New
Mains Evaluator
Test Generator
Geography Lab
New
Current Affairs
Daily Solutions
Daily Puzzle

Version 2.0.0 • Built with ❤️ for UPSC aspirants

Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
ISRO Launches EOS-05: भारत का पहला जियोसिं... | UPSC Current Affairs

ISRO Launches EOS-05: भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट GSLV‑F17 के माध्यम से

4 सितंबर 2026 को, ISRO ने Satish Dhawan Space Centre से GSLV‑F17 के माध्यम से 2,367 kg का EOS‑05 सैटेलाइट लॉन्च किया, जिससे भारत का पहला समर्पित इमेजिंग सैटेलाइट जियोसिंक्रोनस कक्षा में स्थापित हुआ। यह मिशन एक वर्ष की असफलताओं के बाद लॉन्च भरोसे को पुनः स्थापित करता है और कृषि, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए…
समीक्षा ISRO ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट EOS‑05 को GSLV‑F17 का उपयोग करके 4 सितंबर 2026 को सब‑जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित किया। मुख्य विकास लॉन्च समय: 02:55 a.m. से SDSC (दूसरा लॉन्च पैड)। पेलोड द्रव्यमान: 2,367 kg , अब तक GSLV द्वारा लॉन्च किया गया सबसे भारी सैटेलाइट। प्राप्त कक्षा: लिफ्ट‑ऑफ़ के 18 मिनट के भीतर सब‑जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट ( Sub‑GTO )। मिशन संख्या: GSLV की 19वीं उड़ान और श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च। जियोसिंक्रोनस कक्षा से पहला इमेजिंग सैटेलाइट, निरंतर कवरेज प्रदान करता है। महत्वपूर्ण तथ्य यह लॉन्च जनवरी 2026 में PSLV‑C62 विफलता और मई 2025 में पहले PSLV‑C61 झटके के बाद आठ‑महीने के अंतराल के बाद हुआ है। ISRO ने तकनीकी समस्याओं को हल करने के लिए निर्धारित मिशनों को रोक दिया था। सफल GSLV‑F17 मिशन अगस्त 2021 के GSLV‑F10 अनियमितता से भी उबरना दर्शाता है, जहाँ क्रायोजेनिक अपर स्टेज ने इग्निशन नहीं किया। लॉन्च के बाद स्वास्थ्य जांच में सभी वाल्व कार्यरत, सोलर पैनल तैनात और कुल मिलाकर सैटेलाइट स्वास्थ्य “बिल्कुल ठीक” दिखाया गया। अगले चरणों में EOS‑05 को उसके अंतिम जियोस्टेशनरी स्लॉट में राष्ट्रीय अनुप्रयोगों के लिए स्थापित करने हेतु कक्षा‑उन्नयन संचालन शामिल हैं। UPSC प्रासंगिकता रणनीतिक स्वायत्तता: विदेशी सहायता के बिना उच्च‑मूल्य इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च करने की भारत की क्षमता को दर्शाता है, जो “Atmanirbhar Bharat” दृष्टि के साथ संरेखित है।
Loading article...

Quick Reference

Key Insight

भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट स्वनिर्भर आपदा और कृषि निगरानी को बढ़ाता है।

Key Facts

  1. EOS‑05 को 4 सितंबर 2026 को 02:55 a.m. पर SDSC, श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया।
  2. पेलोड द्रव्यमान 2,367 kg है – अब तक GSLV पर स्थापित सबसे भारी सैटेलाइट।
  3. यह मिशन GSLV की 19वीं उड़ान और श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च है।
  4. EOS‑05 भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है जो जियोसिंक्रोनस कक्षा में कार्य करता है, निरंतर कवरेज प्रदान करता है।
  5. सैटेलाइट कृषि, वन आवरण, बाढ़, चक्रवात और सूखा प्रबंधन के लिए रीयल‑टाइम निगरानी का समर्थन करेगा।

Background

रिमोट‑सेंसिंग सैटेलाइट भारत की जलवायु‑सहिष्णु कृषि और आपदा‑जोखिम कमी रणनीतियों के लिए एक प्रमुख उपकरण हैं। स्वदेशी लॉन्च क्षमता Atmanirbhar Bharat दृष्टि के साथ संरेखित है और विदेशी लॉन्च सेवाओं पर निर्भरता को कम करती है।

UPSC Syllabus

  • Prelims_GS — Science and Technology Applications

Mains Angle

GS‑3 में, उम्मीदवार चर्चा कर सकते हैं कि EOS‑05 कैसे भारत के आत्मनिर्भर अंतरिक्ष कार्यक्रम को सुदृढ़ करता है और खाद्य सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन नीतियों पर इसका क्या प्रभाव है।

Explore:Current Affairs·Editorial Analysis·Govt Schemes·Study Materials·Previous Year Questions·UPSC GPT
  1. Home
  2. Prepare
  3. Current Affairs
  4. Science
  5. ISRO Launches EOS-05: भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट GSLV‑F17 के माध्यम से
GS382% Exam Relevance
Must Review
Login to bookmark articles
Login to mark articles as complete

Overview

Full Article

समीक्षा

ISRO ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट EOS‑05 को GSLV‑F17 का उपयोग करके 4 सितंबर 2026 को सब‑जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित किया।

मुख्य विकास

  • लॉन्च समय: 02:55 a.m. से SDSC (दूसरा लॉन्च पैड)।
  • पेलोड द्रव्यमान: 2,367 kg, अब तक GSLV द्वारा लॉन्च किया गया सबसे भारी सैटेलाइट।
  • प्राप्त कक्षा: लिफ्ट‑ऑफ़ के 18 मिनट के भीतर सब‑जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (Sub‑GTO)।
  • मिशन संख्या: GSLV की 19वीं उड़ान और श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च।
  • जियोसिंक्रोनस कक्षा से पहला इमेजिंग सैटेलाइट, निरंतर कवरेज प्रदान करता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

यह लॉन्च जनवरी 2026 में PSLV‑C62 विफलता और मई 2025 में पहले PSLV‑C61 झटके के बाद आठ‑महीने के अंतराल के बाद हुआ है। ISRO ने तकनीकी समस्याओं को हल करने के लिए निर्धारित मिशनों को रोक दिया था। सफल GSLV‑F17 मिशन अगस्त 2021 के GSLV‑F10 अनियमितता से भी उबरना दर्शाता है, जहाँ क्रायोजेनिक अपर स्टेज ने इग्निशन नहीं किया।

लॉन्च के बाद स्वास्थ्य जांच में सभी वाल्व कार्यरत, सोलर पैनल तैनात और कुल मिलाकर सैटेलाइट स्वास्थ्य “बिल्कुल ठीक” दिखाया गया। अगले चरणों में EOS‑05 को उसके अंतिम जियोस्टेशनरी स्लॉट में राष्ट्रीय अनुप्रयोगों के लिए स्थापित करने हेतु कक्षा‑उन्नयन संचालन शामिल हैं।

UPSC प्रासंगिकता

  • रणनीतिक स्वायत्तता: विदेशी सहायता के बिना उच्च‑मूल्य इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च करने की भारत की क्षमता को दर्शाता है, जो “Atmanirbhar Bharat” दृष्टि के साथ संरेखित है।
Read Original on hindu

भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट स्वनिर्भर आपदा और कृषि निगरानी को बढ़ाता है।

Key Facts

  1. EOS‑05 को 4 सितंबर 2026 को 02:55 a.m. पर SDSC, श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया।
  2. पेलोड द्रव्यमान 2,367 kg है – अब तक GSLV पर स्थापित सबसे भारी सैटेलाइट।
  3. यह मिशन GSLV की 19वीं उड़ान और श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च है।
  4. EOS‑05 भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है जो जियोसिंक्रोनस कक्षा में कार्य करता है, निरंतर कवरेज प्रदान करता है।
  5. सैटेलाइट कृषि, वन आवरण, बाढ़, चक्रवात और सूखा प्रबंधन के लिए रीयल‑टाइम निगरानी का समर्थन करेगा।

Background & Context

रिमोट‑सेंसिंग सैटेलाइट भारत की जलवायु‑सहिष्णु कृषि और आपदा‑जोखिम कमी रणनीतियों के लिए एक प्रमुख उपकरण हैं। स्वदेशी लॉन्च क्षमता Atmanirbhar Bharat दृष्टि के साथ संरेखित है और विदेशी लॉन्च सेवाओं पर निर्भरता को कम करती है।

UPSC Syllabus Connections

Prelims_GS•Science and Technology Applications

Mains Answer Angle

GS‑3 में, उम्मीदवार चर्चा कर सकते हैं कि EOS‑05 कैसे भारत के आत्मनिर्भर अंतरिक्ष कार्यक्रम को सुदृढ़ करता है और खाद्य सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन नीतियों पर इसका क्या प्रभाव है।

Analysis

Related PYQs

No related PYQs linked to this article yet.

Practice Questions

Prelims
Easy
Prelims MCQ

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी – रिमोट सेंसिंग

1 marks
4 keywords
GS3
Medium
Mains Short Answer

रणनीतिक स्वायत्तता – स्वदेशी लॉन्च क्षमता

10 marks
4 keywords
GS3
Hard
Mains Essay

आपदा प्रबंधन और कृषि – अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग

20 marks
5 keywords
Related:Daily•Weekly

Loading related articles...

Loading related articles...

Tip: Click articles above to read more from the same date, or use the back button to see all articles.