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MoEF&CC का विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी ढांचा कचरा क्षेत्रों में सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देता है – 2026 अपडेट

MoEF&CC का विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी ढांचा कचरा क्षेत्रों में सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देता है – 2026 अपडेट
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने कई कचरा प्रवाहों में एक बाजार‑आधारित EPR ढांचा लागू किया है, जिसमें 4,574 रीसायक्लर पंजीकृत हुए हैं और मार्च 2026 तक 340 लाख MT से अधिक EPR प्रमाणपत्र उत्पन्न किए गए हैं। NITI Aayog, राज्य औद्योगिक नीतियों, और Critical Mineral Mission तथा Mission LiFE जैसे योजनाओं द्वारा किए गए पूरक कदम सरकार की सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने और रीसाइक्लिंग सेक्टर के औपचारिकरण पर ज़ोर को दर्शाते हैं।
सर्कुलर इकोनॉमी पहलों का अवलोकन (2022‑2025) Circular Economy भारत की पर्यावरण नीति का एक मुख्य स्तम्भ बन गया है। इस परिप्रेक्ष्य में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने प्लास्टिक, बैटरी, ई‑वेस्ट, टायर, उपयोग किए गए तेल, एंड‑ऑफ़‑लाइफ़ वाहन, कंस्ट्रक्शन‑डेमोलिशन कचरा, नॉन‑फेरस स्क्रैप और सॉलिड वेस्ट को कवर करने वाले Waste Management Rules की एक श्रृंखला जारी की है। मुख्य विधायी मील के पत्थर 2022‑2025: waste tyres के लिए EPR नियमों का परिचय (July 2022), बैटरियों के लिए (Aug 2022, संशोधित Oct 2023 & Mar 2024), e‑waste (Nov 2022, संशोधित Jan 2023 & July 2023), प्लास्टिक (संशोधित Apr 2023), उपयोग किए गए तेल (Sept 2023), एंड‑ऑफ़‑लाइफ़ वाहनों (Jan 2025), कंस्ट्रक्शन‑डेमोलिशन कचरा (Apr 2025) और नॉन‑फेरस स्क्रैप (July 2025)। Online EPR पोर्टल अब प्लास्टिक पैकेजिंग, e‑waste, बैटरी वेस्ट, waste tyres और उपयोग किए गए तेल के लिए कार्यरत हैं, जो पंजीकरण, अनुपालन ट्रैकिंग और प्रमाणपत्र निर्माण को सक्षम बनाते हैं। कार्यान्वयन स्थिति (05‑Mar‑2026 तक) सभी कचरा प्रवाहों में, 4,574 रीसायक्लर पंजीकृत हुए हैं, जो सामूहिक रूप से 417.57 लाख MT कचरा रीसायकल कर रहे हैं और 341.93 लाख MT EPR प्रमाणपत्र उत्पन्न कर रहे हैं। विवरण: Plastic: 2,986 रीसायक्लर; 196.97 लाख MT रीसायकल और प्रमाणित। Battery: 520 रीसायक्लर; 69.37 लाख MT रीसायकल; 16.14 लाख MT प्रमाणित। Tyre: 579 रीसायक्लर; 122.29 लाख MT रीसायकल; 116.94 लाख MT प्रमाणित। E‑waste: 386 रीसायक्लर; 28.75 लाख MT रीसायकल; 11.86 लाख MT प्रमाणित। Used Oil: 103 रीसायक्लर; 0.19 लाख MT रीसायकल; 0.02 लाख MT प्रमाणित। NITI Aayog और राज्यों से रणनीतिक समर्थन जनवरी 2026 में, NITI Aayog ने तीन रिपोर्ट जारी कीं ...
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Quick Reference

Key Insight

MoEF&CC का EPR ढांचा सर्कुलर इकोनॉमी को तेज़ कर 4,500+ रीसायक्लर पंजीकृत कर रहा है

Key Facts

  1. MoEF&CC ने 2022‑2025 में प्लास्टिक, बैटरी, ई‑वेस्ट, टायर, उपयोग किए गए तेल, ELV, C&D कचरा और नॉन‑फेरस स्क्रैप पर विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) नियम लागू किए।
  2. ऑनलाइन EPR पोर्टल प्लास्टिक पैकेजिंग, ई‑वेस्ट, बैटरी वेस्ट, टायर और उपयोग किए गए तेल के पंजीकरण, अनुपालन ट्रैकिंग और प्रमाणपत्र निर्माण के लिए सक्रिय है।
  3. 05 मार्च 2026 तक 4,574 रीसायक्लर पंजीकृत, कुल 417.57 लाख MT कचरा रीसायक्ल किया और 341.93 लाख MT EPR प्रमाणपत्र जारी किए।
  4. विस्तृत रीसायक्लिंग आँकड़े: प्लास्टिक‑2,986 रीसायक्लर (196.97 लाख MT), बैटरी‑520 (69.37 लाख MT), टायर‑579 (122.29 लाख MT), ई‑वेस्ट‑386 (28.75 लाख MT), उपयोग‑तेल‑103 (0.19 लाख MT)।
  5. जनवरी 2026 में NITI Aayog ने तीन रिपोर्ट जारी कीं, जिनमें राज्य औद्योगिक नीतियों को EPR‑आधारित सर्कुलर इकोनॉमी से जोड़ने की सिफ़ारिश की गई।
  6. EPR ढांचा राष्ट्रीय कचरा पदानुक्रम (कम‑से‑कम, पुन: उपयोग, पुन: चक्रण) के साथ संरेखित है और Critical Minerals Mission तथा Mission LiFE जैसे पहल को पूरक करता है।

Background

सर्कुलर इकोनॉमी भारत की पर्यावरण नीति का मुख्य स्तम्भ बन चुका है; MoEF&CC द्वारा लागू EPR नियम बाजार‑आधारित जिम्मेदारी लाते हैं, जिससे कचरा प्रबंधन में औद्योगिक भागीदारी, संसाधन दक्षता और SDG‑12/13 की दिशा में प्रगति होती है।

Mains Angle

GS‑III (पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी) में ‘विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी को सुदृढ़ करना’ पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिसमें नीति‑कार्यान्वयन, आँकड़े और राज्य‑स्तरीय सहयोग का विश्लेषण आवश्यक होगा।

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Full Article

सर्कुलर इकोनॉमी पहलों का अवलोकन (2022‑2025)

Circular Economy भारत की पर्यावरण नीति का एक मुख्य स्तम्भ बन गया है। इस परिप्रेक्ष्य में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने प्लास्टिक, बैटरी, ई‑वेस्ट, टायर, उपयोग किए गए तेल, एंड‑ऑफ़‑लाइफ़ वाहन, कंस्ट्रक्शन‑डेमोलिशन कचरा, नॉन‑फेरस स्क्रैप और सॉलिड वेस्ट को कवर करने वाले Waste Management Rules की एक श्रृंखला जारी की है।

मुख्य विधायी मील के पत्थर

  • 2022‑2025: waste tyres के लिए EPR नियमों का परिचय (July 2022), बैटरियों के लिए (Aug 2022, संशोधित Oct 2023 & Mar 2024), e‑waste (Nov 2022, संशोधित Jan 2023 & July 2023), प्लास्टिक (संशोधित Apr 2023), उपयोग किए गए तेल (Sept 2023), एंड‑ऑफ़‑लाइफ़ वाहनों (Jan 2025), कंस्ट्रक्शन‑डेमोलिशन कचरा (Apr 2025) और नॉन‑फेरस स्क्रैप (July 2025)।
  • Online EPR पोर्टल अब प्लास्टिक पैकेजिंग, e‑waste, बैटरी वेस्ट, waste tyres और उपयोग किए गए तेल के लिए कार्यरत हैं, जो पंजीकरण, अनुपालन ट्रैकिंग और प्रमाणपत्र निर्माण को सक्षम बनाते हैं।

कार्यान्वयन स्थिति (05‑Mar‑2026 तक)

सभी कचरा प्रवाहों में, 4,574 रीसायक्लर पंजीकृत हुए हैं, जो सामूहिक रूप से 417.57 लाख MT कचरा रीसायकल कर रहे हैं और 341.93 लाख MT EPR प्रमाणपत्र उत्पन्न कर रहे हैं। विवरण:

  • Plastic: 2,986 रीसायक्लर; 196.97 लाख MT रीसायकल और प्रमाणित।
  • Battery: 520 रीसायक्लर; 69.37 लाख MT रीसायकल; 16.14 लाख MT प्रमाणित।
  • Tyre: 579 रीसायक्लर; 122.29 लाख MT रीसायकल; 116.94 लाख MT प्रमाणित।
  • E‑waste: 386 रीसायक्लर; 28.75 लाख MT रीसायकल; 11.86 लाख MT प्रमाणित।
  • Used Oil: 103 रीसायक्लर; 0.19 लाख MT रीसायकल; 0.02 लाख MT प्रमाणित।

NITI Aayog और राज्यों से रणनीतिक समर्थन

जनवरी 2026 में, NITI Aayog ने तीन रिपोर्ट जारी कीं ...

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MoEF&CC का EPR ढांचा सर्कुलर इकोनॉमी को तेज़ कर 4,500+ रीसायक्लर पंजीकृत कर रहा है

Key Facts

  1. MoEF&CC ने 2022‑2025 में प्लास्टिक, बैटरी, ई‑वेस्ट, टायर, उपयोग किए गए तेल, ELV, C&D कचरा और नॉन‑फेरस स्क्रैप पर विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) नियम लागू किए।
  2. ऑनलाइन EPR पोर्टल प्लास्टिक पैकेजिंग, ई‑वेस्ट, बैटरी वेस्ट, टायर और उपयोग किए गए तेल के पंजीकरण, अनुपालन ट्रैकिंग और प्रमाणपत्र निर्माण के लिए सक्रिय है।
  3. 05 मार्च 2026 तक 4,574 रीसायक्लर पंजीकृत, कुल 417.57 लाख MT कचरा रीसायक्ल किया और 341.93 लाख MT EPR प्रमाणपत्र जारी किए।
  4. विस्तृत रीसायक्लिंग आँकड़े: प्लास्टिक‑2,986 रीसायक्लर (196.97 लाख MT), बैटरी‑520 (69.37 लाख MT), टायर‑579 (122.29 लाख MT), ई‑वेस्ट‑386 (28.75 लाख MT), उपयोग‑तेल‑103 (0.19 लाख MT)।
  5. जनवरी 2026 में NITI Aayog ने तीन रिपोर्ट जारी कीं, जिनमें राज्य औद्योगिक नीतियों को EPR‑आधारित सर्कुलर इकोनॉमी से जोड़ने की सिफ़ारिश की गई।
  6. EPR ढांचा राष्ट्रीय कचरा पदानुक्रम (कम‑से‑कम, पुन: उपयोग, पुन: चक्रण) के साथ संरेखित है और Critical Minerals Mission तथा Mission LiFE जैसे पहल को पूरक करता है।

Background & Context

सर्कुलर इकोनॉमी भारत की पर्यावरण नीति का मुख्य स्तम्भ बन चुका है; MoEF&CC द्वारा लागू EPR नियम बाजार‑आधारित जिम्मेदारी लाते हैं, जिससे कचरा प्रबंधन में औद्योगिक भागीदारी, संसाधन दक्षता और SDG‑12/13 की दिशा में प्रगति होती है।

Mains Answer Angle

GS‑III (पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी) में ‘विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी को सुदृढ़ करना’ पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिसमें नीति‑कार्यान्वयन, आँकड़े और राज्य‑स्तरीय सहयोग का विश्लेषण आवश्यक होगा।

Analysis

Practice Questions

GS3
Easy
Prelims MCQ

विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) – विधायी समयरेखा

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EPR कार्यान्वयन – मात्रात्मक स्नैपशॉट

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