Skip to main content
Loading page, please wait…
HomeCurrent AffairsEditorialsGovt SchemesLearning ResourcesUPSC SyllabusPricingAboutUPSC AI ToolsUPSC AI ToolAI for UPSCUPSC ChatGPT

© 2026 Vaidra. All rights reserved.

PrivacyTerms
Vaidra Logo
Vaidra

Top 7 items + smart groups

UPSC GPT
New
Mains Evaluator
Test Generator
Geography Lab
New
Current Affairs
Daily Solutions
Daily Puzzle

Version 2.0.0 • Built with ❤️ for UPSC aspirants

Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...
Loading...

Negative Phase of Pacific Decadal Oscillation से पोस्ट‑मानसून में इक्वेटोरियल साइक्लोन बढ़ सकते हैं – Study

Nature Communications में एक अध्ययन ने Pacific Decadal Oscillation के हालिया नकारात्मक चरण को भारत के पोस्ट‑मानसून महीनों में इक्वेटोरियल‑ऑरिजिन साइक्लोन की संभावित वृद्धि से जोड़ा है। चल रहे El Niño के साथ मिलकर, यह साइक्लोन की तीव्रता बढ़ा सकता है, जिससे UPSC‑संबंधी नीति योजना के लिए जलवायु निगरानी और आपदा तैयारी को…
सारांश Nature Communications में एक हालिया अध्ययन चेतावनी देता है कि Pacific Decadal Oscillation (PDO) के ठंडे, नकारात्मक चरण में बदलाव से पोस्ट‑मानसून महीनों में इक्वेटोरियल‑ऑरिजिन साइक्लोन की आवृत्ति बढ़ सकती है। इस प्रकार की अंतिम बड़ी घटना Cyclone Okchi (2017) थी, जिसने केरल, तमिल नाडु और श्री लंका में गंभीर क्षति पहुंचाई। मुख्य विकास अध्ययन में पाया गया कि 1951‑1980 की तुलना में 1981‑2010 के दौरान इक्वेटोरियल साइक्लोन में 43% की गिरावट आई, जो सकारात्मक PDO चरण से जुड़ी थी। 2019 से, PDO ने नकारात्मक (ठंडा) चरण अपनाया है, जो इक्वेटर के निकट अधिक साइक्लोन को अनुकूल बना सकता है। ENSO वर्तमान में El Niño चरण में है, जिससे मध्य भारत में 7% और दक्षिण भारत में 17% की वर्षा कमी हुई है। शोधकर्ता R.S. Ajayamohan और M. Rajeevan ने कहा कि नकारात्मक PDO के साथ El Niño मिलकर इक्वेटर के निकट साइक्लोन की नमी और तीव्रता बढ़ा सकता है। महत्वपूर्ण तथ्य La Niña आमतौर पर भारी बारिश लाती है, जबकि El Niño – ENSO का गर्म चरण, जो मध्य/पूर्वी प्रशांत में उच्च समुद्र सतह तापमान से चिह्नित है; आमतौर पर वर्षा में कमी लाता है।
Loading article...

Quick Reference

Key Insight

Negative PDO अधिक पोस्ट‑मानसून इक्वेटोरियल साइक्लोन को ट्रिगर कर सकता है – एक नीति जोखिम।

Key Facts

  1. अध्ययन में बताया गया है कि 1951‑1980 की तुलना में 1981‑2010 के दौरान इक्वेटोरियल साइक्लोन में 43% की गिरावट आई, जो सकारात्मक PDO चरण से जुड़ी थी।
  2. 2019 से Pacific Decadal Oscillation ने नकारात्मक (ठंडा) चरण में परिवर्तन किया है।
  3. वर्तमान El Niño स्थितियों ने मध्य भारत में 7% और दक्षिण भारत में 17% की वर्षा कमी का कारण बना है।
  4. इक्वेटोरियल साइक्लोन दुर्लभ होते हैं क्योंकि इक्वेटर के पास कोरियोलिस बल कमजोर होता है; उच्च समुद्र सतह तापमान इस सीमा को पार कर सकता है।
  5. Cyclone Okchi (2017) अंतिम प्रमुख इक्वेटोरियल‑ऑरिजिन साइक्लोन था जिसने केरल, तमिल नाडु और श्री लंका को प्रभावित किया।
  6. Indian Institute of Tropical Meteorology (IITM) PDO और ENSO की निगरानी के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में प्रमुख एजेंसी है।

Background

Pacific Decadal Oscillation (PDO) एक बहु‑दशकीय समुद्र‑वायुमंडलीय पैटर्न है जो क्षेत्रीय जलवायु, जिसमें भारतीय मानसून भी शामिल है, को प्रभावित करता है। इसका नकारात्मक चरण, El Niño के साथ मिलकर, समुद्र सतह तापमान और नमी वितरण को बदल सकता है, जिससे पोस्ट‑मानसून अवधि में साइक्लोन का जोखिम बढ़ता है, जो आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूलन नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता है।

UPSC Syllabus

  • Prelims_GS — World Geography
  • GS1 — Important Geophysical Phenomena
  • Prelims_CSAT — Basic Numeracy
  • GS2 — India and its neighborhood relations
  • GS2 — Government policies and interventions for development

Mains Angle

GS III में, उम्मीदवार चर्चा कर सकते हैं कि दीर्घकालिक समुद्री दोलन कैसे पोस्ट‑मानसून साइक्लोन की आवृत्ति को प्रभावित करते हैं और आपदा‑प्रबंधन ढांचों में PDO पूर्वानुमानों को एकीकृत करने की आवश्यकता। एक संभावित प्रश्न: "भारत के पोस्ट‑मानसून साइक्लोन जोखिम और नीति प्रतिक्रिया को आकार देने में PDO और ENSO की भूमिका का मूल्यांकन करें।"

Explore:Current Affairs·Editorial Analysis·Govt Schemes·Study Materials·Previous Year Questions·UPSC GPT
  1. Home
  2. Prepare
  3. Current Affairs
  4. Science
  5. Negative Phase of Pacific Decadal Oscillation से पोस्ट‑मानसून में इक्वेटोरियल साइक्लोन बढ़ सकते हैं – Study
GS370% Exam Relevance
Login to bookmark articles
Login to mark articles as complete

Overview

Full Article

सारांश

Nature Communications में एक हालिया अध्ययन चेतावनी देता है कि Pacific Decadal Oscillation (PDO) के ठंडे, नकारात्मक चरण में बदलाव से पोस्ट‑मानसून महीनों में इक्वेटोरियल‑ऑरिजिन साइक्लोन की आवृत्ति बढ़ सकती है। इस प्रकार की अंतिम बड़ी घटना Cyclone Okchi (2017) थी, जिसने केरल, तमिल नाडु और श्री लंका में गंभीर क्षति पहुंचाई।

मुख्य विकास

  • अध्ययन में पाया गया कि 1951‑1980 की तुलना में 1981‑2010 के दौरान इक्वेटोरियल साइक्लोन में 43% की गिरावट आई, जो सकारात्मक PDO चरण से जुड़ी थी।
  • 2019 से, PDO ने नकारात्मक (ठंडा) चरण अपनाया है, जो इक्वेटर के निकट अधिक साइक्लोन को अनुकूल बना सकता है।
  • ENSO वर्तमान में El Niño चरण में है, जिससे मध्य भारत में 7% और दक्षिण भारत में 17% की वर्षा कमी हुई है।
  • शोधकर्ता R.S. Ajayamohan और M. Rajeevan ने कहा कि नकारात्मक PDO के साथ El Niño मिलकर इक्वेटर के निकट साइक्लोन की नमी और तीव्रता बढ़ा सकता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • La Niña आमतौर पर भारी बारिश लाती है, जबकि El Niño – ENSO का गर्म चरण, जो मध्य/पूर्वी प्रशांत में उच्च समुद्र सतह तापमान से चिह्नित है; आमतौर पर वर्षा में कमी लाता है।
Read Original on hindu

Negative PDO अधिक पोस्ट‑मानसून इक्वेटोरियल साइक्लोन को ट्रिगर कर सकता है – एक नीति जोखिम।

Key Facts

  1. अध्ययन में बताया गया है कि 1951‑1980 की तुलना में 1981‑2010 के दौरान इक्वेटोरियल साइक्लोन में 43% की गिरावट आई, जो सकारात्मक PDO चरण से जुड़ी थी।
  2. 2019 से Pacific Decadal Oscillation ने नकारात्मक (ठंडा) चरण में परिवर्तन किया है।
  3. वर्तमान El Niño स्थितियों ने मध्य भारत में 7% और दक्षिण भारत में 17% की वर्षा कमी का कारण बना है।
  4. इक्वेटोरियल साइक्लोन दुर्लभ होते हैं क्योंकि इक्वेटर के पास कोरियोलिस बल कमजोर होता है; उच्च समुद्र सतह तापमान इस सीमा को पार कर सकता है।
  5. Cyclone Okchi (2017) अंतिम प्रमुख इक्वेटोरियल‑ऑरिजिन साइक्लोन था जिसने केरल, तमिल नाडु और श्री लंका को प्रभावित किया।
  6. Indian Institute of Tropical Meteorology (IITM) PDO और ENSO की निगरानी के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में प्रमुख एजेंसी है।

Background & Context

Pacific Decadal Oscillation (PDO) एक बहु‑दशकीय समुद्र‑वायुमंडलीय पैटर्न है जो क्षेत्रीय जलवायु, जिसमें भारतीय मानसून भी शामिल है, को प्रभावित करता है। इसका नकारात्मक चरण, El Niño के साथ मिलकर, समुद्र सतह तापमान और नमी वितरण को बदल सकता है, जिससे पोस्ट‑मानसून अवधि में साइक्लोन का जोखिम बढ़ता है, जो आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूलन नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता है।

UPSC Syllabus Connections

Prelims_GS•World GeographyGS1•Important Geophysical PhenomenaPrelims_CSAT•Basic NumeracyGS2•India and its neighborhood relationsGS2•Government policies and interventions for development

Mains Answer Angle

GS III में, उम्मीदवार चर्चा कर सकते हैं कि दीर्घकालिक समुद्री दोलन कैसे पोस्ट‑मानसून साइक्लोन की आवृत्ति को प्रभावित करते हैं और आपदा‑प्रबंधन ढांचों में PDO पूर्वानुमानों को एकीकृत करने की आवश्यकता। एक संभावित प्रश्न: "भारत के पोस्ट‑मानसून साइक्लोन जोखिम और नीति प्रतिक्रिया को आकार देने में PDO और ENSO की भूमिका का मूल्यांकन करें।"

Analysis

Related PYQs

No related PYQs linked to this article yet.

Practice Questions

Prelims
Medium
Prelims MCQ

जलवायु दोलन और चक्रवात जोखिम

1 marks
5 keywords
GS3
Easy
Mains Short Answer

PDO और ENSO का चक्रवातीय गतिविधि के साथ अंतःक्रिया

5 marks
5 keywords
GS3
Hard
Mains Essay

जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और नीति प्रतिक्रिया

20 marks
6 keywords
Related:Daily•Weekly

Loading related articles...

Loading related articles...

Tip: Click articles above to read more from the same date, or use the back button to see all articles.

Negative Phase of Pacific Decadal Oscillat... | UPSC Current Affairs