सारांश
Nature Communications में एक हालिया अध्ययन चेतावनी देता है कि Pacific Decadal Oscillation (PDO) के ठंडे, नकारात्मक चरण में बदलाव से पोस्ट‑मानसून महीनों में इक्वेटोरियल‑ऑरिजिन साइक्लोन की आवृत्ति बढ़ सकती है। इस प्रकार की अंतिम बड़ी घटना Cyclone Okchi (2017) थी, जिसने केरल, तमिल नाडु और श्री लंका में गंभीर क्षति पहुंचाई।
मुख्य विकास
- अध्ययन में पाया गया कि 1951‑1980 की तुलना में 1981‑2010 के दौरान इक्वेटोरियल साइक्लोन में 43% की गिरावट आई, जो सकारात्मक PDO चरण से जुड़ी थी।
- 2019 से, PDO ने नकारात्मक (ठंडा) चरण अपनाया है, जो इक्वेटर के निकट अधिक साइक्लोन को अनुकूल बना सकता है।
- ENSO वर्तमान में El Niño चरण में है, जिससे मध्य भारत में 7% और दक्षिण भारत में 17% की वर्षा कमी हुई है।
- शोधकर्ता R.S. Ajayamohan और M. Rajeevan ने कहा कि नकारात्मक PDO के साथ El Niño मिलकर इक्वेटर के निकट साइक्लोन की नमी और तीव्रता बढ़ा सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- La Niña आमतौर पर भारी बारिश लाती है, जबकि El Niño – ENSO का गर्म चरण, जो मध्य/पूर्वी प्रशांत में उच्च समुद्र सतह तापमान से चिह्नित है; आमतौर पर वर्षा में कमी लाता है।