उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं नदी बेसिनों में भूजल प्रदूषण के वैज्ञानिक मूल्यांकन पर Parliamentary Query (2025 Yearbook) — UPSC Current Affairs | March 11, 2026
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं नदी बेसिनों में भूजल प्रदूषण के वैज्ञानिक मूल्यांकन पर Parliamentary Query (2025 Yearbook)
Ministry of Science & Technology ने Parliamentary Question का उत्तर देते हुए एक annexure प्रदान किया है, जो 2025 Annual Ground Water Quality Yearbook के आधार पर उत्तर प्रदेश की भूजल गुणवत्ता स्थिति को विस्तृत करता है। डेटा राज्य के औद्योगिक और नदी बेसिनों में प्रदूषण स्तरों पर केंद्रित है, जो वैज्ञानिक मूल्यांकन और सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करता है, जो पर्यावरण शासन और जल संसाधन प्रबंधन का अध्ययन करने वाले UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रासंगिक विषय है।
Ministry of Science & Technology ने एक Parliamentary Question का उत्तर दिया है, जो उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और नदी बेसिनों में भूजल प्रदूषण के वैज्ञानिक मूल्यांकन से संबंधित है। प्रतिक्रिया में Annexure‑I शामिल है, जो Annual Ground Water Quality Yearbook‑2025 से डेटा निकालता है। यह जानकारी राज्य की जल‑गुणवत्ता चुनौतियों को समझने और उन्हें संबोधित करने के लिए आवश्यक नीति उपायों के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्य विकास Uttar Pradesh के लिए भूजल गुणवत्ता स्थिति को विस्तृत करने वाला Annexure‑I जारी किया गया। औद्योगिक बेसिनों और नदी बेसिनों में प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स पर ध्यान केंद्रित किया गया। डेटा भारत में भूजल निगरानी के प्राधिकृत संदर्भ, Annual Ground Water Quality Yearbook के 2025 संस्करण से प्राप्त किया गया। जानकारी 11 मार्च 2026 को Press Information Bureau (PIB) के माध्यम से सार्वजनिक की गई। महत्वपूर्ण तथ्य Annexure राज्य‑व्यापी प्रमुख जल‑गुणवत्ता पैरामीटर जैसे नाइट्रेट, फ्लोराइड, आर्सेनिक, और कुल घुलित ठोस (TDS) का एक स्नैपशॉट प्रस्तुत करता है। जबकि सटीक आंकड़े यहाँ पुनः प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, Yearbook आमतौर पर राष्ट्रीय मानकों के आधार पर जल नमूनों को "स्वीकार्य", "मध्यम रूप से प्रदूषित" और "गंभीर रूप से प्रदूषित" में वर्गीकृत करता है। Uttar Pradesh, जो सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में से एक है, ...