समीक्षा: अपने प्रथम भाषण में 24 September 2026 को UN General Assembly (UNGA) में, Nepal Prime Minister Balendra Shah ने 1,400 से अधिक लोगों की जान ले जाने वाली विनाशकारी फ्लैश बाढ़ को उजागर किया। उन्होंने जलवायु‑प्रेरित जोखिमों से निपटने के लिए त्रिपक्षीय Himalayan Climate Resilience Mechanism का प्रस्ताव रखा।
मुख्य विकास
- Shah ने Nepal, India और China को उपग्रह डेटा साझा करने, फ्लैश बाढ़ की निगरानी और ग्लेशियल लेक आउटब्रस्ट्स के लिए एक संयुक्त तंत्र का नेतृत्व करने के लिए कहा।
- उन्होंने एक सामान्य प्रारंभिक‑चेतावनी प्रणाली और समन्वित सीमा‑पार आपदा सहायता की मांग की।
- Nepal ने पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का 26 August को हुई बर्फ‑पत्थर हिमस्खलन के बाद त्वरित राहत के लिए धन्यवाद दिया।
महत्वपूर्ण तथ्य
बाढ़, जो Nepal‑Tibet सीमा के निकट बर्फ‑पत्थर हिमस्खलन से उत्पन्न हुई, उत्तर और मध्य नेपाल के शहरों को तबाह कर गई। मृतकों की संख्या 1,452 है और 4,700‑6,000 लोग लापता हैं। भौतिक पुनर्निर्माण की जरूरतें लगभग 10 % of Nepal’s GDP के बराबर अनुमानित हैं। इस आपदा ने तीन जलवायु‑संबंधित जोखिमों को उजागर किया:
- पिघलता हुआ permafrost ढलान विफलताओं का कारण बनता है।
- बिना चेतावनी के फटने वाले glacial lakes का विस्तार।
- बर्फ‑पत्थर हिमस्खलन जो सीमा‑पार क्रमिक जोखिमों को उत्पन्न कर सकते हैं।
UPSC प्रासंगिकता
इस प्रस्ताव को समझना कई GS पेपरों के लिए महत्वपूर्ण है:
- GS2 (Polity & International Relations): यह पहल क्षेत्रीय सहयोग, कूटनीतिक नेतृत्व, और UNGA जैसे बहुपक्षीय मंचों की भूमिका को दर्शाती है।
- GS3 (Environment & Disaster Management): हिमालय में जलवायु‑प्रेरित जोखिमों को उजागर करता है, अवधारणा