Overview
Namibia से पहले आठ जंगली चीते छोड़े जाने के चार साल बाद, Project Cheetah ने भारत में कुल 52 चीते की रिपोर्ट की है, जिसमें 32 शावक भारतीय धरती पर जन्मे हैं। कार्यक्रम प्रारंभिक पुनः‑परिचय से सफल प्रजनन, शावक जीवित रहने और open‑forest आवासों में पहली रिलीज़ तक पहुँच गया है।
Key Developments (2022‑2026)
- 2022: Prime Minister Narendra Modi ने Kuno National Park में विशेष एन्क्लोज़र में आठ Namibian चीते छोड़े।
- 2023: दक्षिण अफ्रीका से बारह चीते आए; आठ जीवित रहे और दस शावक जन्मे।
- 2024: ध्यान शावक जीवित रहने की ओर बदला; तेरह शावक एक वर्ष से अधिक जीवित रहे।
- 2025: 12 जिलों में open forest में पहली रिलीज़ हुई, 24/7 निगरानी के साथ।
- 2026: Botswana से नौ चीते आयात किए गए; Kuno में कुल चीते 49 तक पहुँच गए, जिसमें 17 पहले से ही open forest में घूम रहे हैं।
Important Facts
- भारत में कुल चीते: 52 (Kuno में 49, Gandhi Sagar Sanctuary में 3)।
- Namibian मूल के जीवित चीते: 3 वयस्क + 22 Indian‑born शावक = 25.
- South African मूल के जीवित चीते: 8 वयस्क + 10 Indian‑born शावक = 18.
- Kuno में आवास वितरण: open forest में 17 (10 नर, 7 मादा) और 32 soft release enclosures में (5 नर, 8 मादा, 19 शावक <1 yr)।
Exam Relevance
चीते की पुनर्स्थापना पहल कई मुख्य UPSC विषयों को दर्शाती है:
- Wildlife conservation policy – Ministry of Environment, Forest and Climate Change और राज्य सरकारों के बीच समन्वय (GS3)।
- International cooperation – Namibia, South Africa और Botswana से चीते का आयात, कूटनीतिक वन्यजीव समझौतों को दर्शाता है (GS1/GS3)।
- Habitat management – कैद एन्क्लोज़र से open forest में परिवर्तन, पारिस्थितिकी‑आधारित प्रबंधन को प्रतिबिंबित करता है (GS3)।