समीक्षा
The Supreme Court ने 14 May 2026 को Rajasthan Government की उन पहले के निर्देशों को लागू न करने के लिए कड़ी आलोचना की, जो sand mining को रोकने के लिए थे, जो National Chambal Gharial Sanctuary में हुआ। Court ने senior officials को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अनुपालन शपथपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
मुख्य विकास
- Senior officials — Additional Chief Secretary (Home), Principal Secretaries of Mining, Finance, Forest, and Transport — को अगले सुनवाई जो 20 May 2026 को निर्धारित है, Court के सामने उपस्थित होना होगा और विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने होंगे।
- The NHAI को एक पक्ष के रूप में शामिल किया गया है ताकि Morena‑Dholpur सीमा पर NH‑44 पर पुल को खतरा पहुंचाने वाले अवैध खुदाई को संबोधित किया जा सके।
- Madhya Pradesh के Transport Department के Principal Secretary को उपस्थित होकर अनरजिस्टर्ड mining vehicles की प्रचलन को समझाना होगा, जो Motor Vehicles Act और Central Motor Vehicles Rules का उल्लंघन है।
- अनुपालन अंतर उजागर किए गए: 40 पहचाने गए संवेदनशील स्थानों में से केवल 1 पर CCTV कैमरा स्थापित है; mining equipment के लिए GPS ट्रैकिंग अभी भी लागू नहीं हुई है; संयुक्त गश्त टीमों को अभी “विचाराधीन” कहा गया है।
- Court ने “Polluter Pays” सिद्धांत को दोहराया, और अवैध ऑपरेटरों से मुआवजा वसूली की मांग की।
महत्वपूर्ण तथ्य
• इस मामले की बेंच में Justice Vikram Nath और Justice Sandeep Mehta शामिल हैं, जो sui motu रूप में कार्य कर रहे हैं।
• 2 April 2026 और 17 April 2026 को जारी किए गए पहले के आदेशों ने हाई‑रेज़ोल्यूशन CCTV, GPS ट्रैकिंग, संयुक्त पुलिस‑फ़ॉरेस्ट गश्त, और एक समान ... की स्थापना अनिवार्य की थी।