लोक सभा ने Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill, 2026 को पारित किया – विपक्ष ने ‘Black Day’ की निंदा की — UPSC Current Affairs | March 25, 2026
लोक सभा ने Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill, 2026 को पारित किया – विपक्ष ने ‘Black Day’ की निंदा की
25 मार्च, 2026 को, Lok Sabha ने Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill, 2026 को पारित किया, जबकि ट्रांसजेंडर कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों द्वारा व्यापक विरोध किया गया। Anish Gawande और दलित ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता Grace Banu जैसे नेताओं ने Rajya Sabha में इस बिल का विरोध करने, इसे स्थायी समिति को भेजने, और Supreme Court में इसकी संवैधानिकता को चुनौती देने का संकल्प लिया है, क्योंकि यह NALSA verdict के साथ टकराव करता है।
Lok Sabha ने Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill, 2026 को 25 March 2026 को मंजूरी दी। इस पारित होने पर ट्रांसजेंडर कार्यकर्ताओं, विपक्षी दलों और नागरिक‑समाज समूहों ने कड़ी विरोध प्रदर्शित किया, जिन्होंने इस दिन को मानव अधिकारों के लिए “black day” कहा। Key Developments बिल संसद के बाहर हुए विरोध के बावजूद Lok Sabha में पारित हुआ। विपक्षी नेताओं, जिनमें Anish Gawande (NCP‑SP) शामिल हैं, ने इसे स्थायी समिति को भेजने की मांग की और जल्दबाजी, अल्पदृष्टि वाले निर्णय की चेतावनी दी। ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता जैसे Grace Banu और Akkai Padmashali ने इस कानून को Rajya Sabha में चुनौती देने का संकल्प लिया। संभावित कानूनी चुनौतियों में Supreme Court में NALSA verdict के उल्लंघन के आधार पर याचिकाएँ दायर करना शामिल है। यदि बिल कानून बन जाता है, तो विरोधी President of India को बिल को आगे की जांच के लिए वापस भेजने का अनुरोध लिख सकते हैं। Important Facts बिल मौजूदा ट्रांसजेंडर कानून में संशोधन करने का प्रयास करता है, लेकिन आलोचक तर्क देते हैं कि यह हजारों कमजोर व्यक्तियों को आपराधिक बना सकता है। कांग्रेस और कई क्षेत्रीय दलों सहित विपक्षी पार्टियों ने बिल का एकसमान विरोध किया है, विस्तृत समिति समीक्षा की मांग की है। कार्यकर्ता उजागर करते हैं कि यह कानून ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ सार्थक परामर्श के बिना पारित किया गया, जो लोकतांत्रिक विधायी मानदंडों के विरुद्ध है। UPSC Relevance इस घटना को समझना GS Paper II (Polity) और GS Paper IV (Ethics) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है: द्विसदनीय संसद में विधायी प्रक्रिया, जिसमें भूमिका o