2024-25 Union Budget ने लगभग ₹3,500 crore चार प्रमुख खगोलीय सुविधाओं के निर्माण और उन्नयन के लिए आवंटित किया है। ये परियोजनाएँ, Indian Institute of Astrophysics (IIA) द्वारा देखरेख की गई हैं, Expenditure Finance Committee की मंजूरी के बाद कैबिनेट को भेजी जाएँगी। यह भारत की खगोलभौतिकी बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्शाता है।
मुख्य विकास
- काबिनेट की स्वीकृति के अधीन चार परियोजनाओं का कुल ₹3,500 crore का अनुमोदन।
- परियोजनाओं में NLST, NLOT, उन्नत Himalayan Chandra Telescope (uHCT), और COSMOS 2 प्लैनेटेरियम शामिल हैं।
- परियोजना समयसीमा 3 वर्ष (COSMOS 2) से 13 वर्ष (NLOT) तक है, और NLOT की पहली रोशनी 2038 में अपेक्षित है।
- NLST, Aditya‑L1 मिशन का ग्राउंड‑बेस्ड counterpart के रूप में कार्य करेगा, जो सूर्य के निरंतर चुंबकीय मानचित्र प्रदान करेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
Department of Science and Technology के अधिकारी ने बताया कि कोई भी परियोजना जो ₹1,000 crore से अधिक हो
