Union Minister Dr. Jitendra Singh ने महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण और घरेलू वैल्यू चेन को बढ़ाने की घोषणा की — UPSC Current Affairs | March 26, 2026
Union Minister Dr. Jitendra Singh ने महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण और घरेलू वैल्यू चेन को बढ़ाने की घोषणा की
Union Minister Dr. Jitendra Singh ने लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को तेज करने, स्टार्ट‑अप‑ड्रिवन खनन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने, और NMET फ्रेमवर्क के माध्यम से घरेलू प्रोसेसिंग वैल्यू चेन बनाने का प्रस्ताव रखा। यह कदम आयात निर्भरता को कम करने, निजी एजेंसियों और स्थानीय प्रतिनिधियों को शामिल करने, और भारत की रणनीतिक एवं आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए है।
Overview Union Minister Dr. Jitendra Singh ने NMET की Governing Body को संबोधित करते हुए, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को तेज करने, स्टार्ट‑अप‑ड्रिवन खनन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने और अंत‑से‑अंत घरेलू वैल्यू चेन बनाने के लिए एक व्यापक योजना प्रस्तुत की। इसका उद्देश्य आयात निर्भरता को कम करना और भारत की रणनीतिक एवं आर्थिक जरूरतों को पूरा करना है। Key Developments Siwana belt (Rajasthan) और Salal‑Haimna block (J&K) जैसे क्षेत्रों में लिथियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की तेज़ गति से खोज को फास्ट‑ट्रैक करना। स्टार्ट‑अप‑ड्रिवन खनन पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन, मेंटरशिप और समर्पित फंडिंग प्रदान करना। Notified Private Exploration Agencies (NPEAs) की भूमिका को सुदृढ़ करना, तकनीक, वित्त और तेज़ प्रोजेक्ट अनुमोदन तक पहुँच में सुधार करना। खोज क्षेत्रों में MPs और राज्य विधायकों को शामिल करके स्थानीय जागरूकता बढ़ाना और कार्यान्वयन को सुगम बनाना। Maharashtra, Odisha, Andhra Pradesh, Tamil Nadu और Gujarat में प्रोसेसिंग और वैल्यू‑ऐडिशन यूनिट्स स्थापित करना। उन्नत खनन प्रौद्योगिकियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की तलाश करना, साथ ही CSIR–IMMT और Department of Atomic Energy (DAE) जैसे संस्थानों में स्वदेशी R&D को मजबूत करना। Important Facts खोज का फोकस: लिथियम, रेयर‑अर्थ्स, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और अन्य रणनीतिक खनिज। वर्तमान पायलट प्रोजेक्ट्स: Siwana belt (Rajasthan), Salal‑Haimna block (J&K)। राज्य भागीदारी: Rajasthan, Telangana, Maharashtra, Odisha, Andhra Pradesh, Tamil Nadu, Gujarat। संस्थागत समर्थन: NMET, NPEAs, CSIR–IMMT, DAE।