अवलोकन
यह World Inequality Report 2026 दर्शाता है कि वैश्विक आय और संपत्ति ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुँच गई है, फिर भी सबसे धनी 10 % कुल संपत्ति का लगभग तीन‑चौथाई हिस्सा रखते हैं जबकि सबसे गरीब आधे हिस्से के पास मात्र 2 % है। भारत में, असमानता विश्व में सबसे अधिक है, जहाँ शीर्ष 10 % राष्ट्रीय आय का लगभग 58 % पकड़ते हैं और निचले 50 % केवल 15 % प्राप्त करते हैं।
मुख्य विकास
- भारत के शीर्ष 1 % के पास संपत्ति का 40 % है; शीर्ष 10 % के पास 65 % है।
- ग्रामीण भूमि‑हीनता घरानों का 46 % है; शीर्ष 10 % ग्रामीण भूमि का 44 % नियंत्रित करते हैं।
- महिलाओं की श्रम‑शक्ति भागीदारी कम है, भूमि स्वामित्व सीमित है और देखभाल की जिम्मेदारियाँ असमान रूप से अधिक हैं।
- 1991 के बाद की उदारीकरण ने संपत्ति के financialisation को तेज किया, जिससे शीर्ष 1 % का हिस्सा बढ़ा।
- मध्य 40 % ("patrimonial middle class") ने 1980 तक वृद्धि देखी, 2000 तक गिरावट, और उसके बाद से मामूली पुनरुद्धार हुआ।
महत्वपूर्ण तथ्य
1820 से, वैश्विक शीर्ष 10 % ने कुल आय का 50 % से कम कभी नहीं पकड़ा, जबकि निचले 50 % ने 15 % से अधिक कभी नहीं किया। भारत में, शीर्ष 1 % की आय हिस्सा 1922 में 13 % से बढ़कर 2022 में 22.6 % के ऐतिहासिक उच्च स्तर तक पहुँचा। भूमि असमानता स्पष्ट है: ग्रामीण घरानों का 46 % भूमि‑हीन है, और उच्च अनुसूचित जाति/जनजाति जनसंख्या वाले गांवों में भूमि‑हीनता अधिक है। केरल और पश्चिम बंगाल उल्लेखनीय अपवाद हैं जहाँ भूमि सुधार ने अंतर को कम किया है।
UPSC प्रासंगिकता
आय असमानता और संपत्ति असमानता के बीच अंतर को समझना income inequality और wealth inequality GS3 के विकास और सामाजिक प्रश्नों के उत्तर देने के लिए आवश्यक है।