संविधान संशोधन बिल, जो 2029 से विधायिकाओं में महिलाओं के आरक्षण को विस्तारित करने और लोकसभा की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य रखता था, को निचले सदन में April 17, 2026 को अस्वीकृत किया गया। इस हार ने सत्ताधारी BJP और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन तथा उसके सहयोगियों के बीच तीव्र बहस को जन्म दिया।
मुख्य विकास
- On April 18, 2026, the BJP described the defeat as a “black day” and accused the opposition of betraying women.
- The opposition, led by the Congress, demanded that the quota law (2023) be enforced immediately.
- Both sides accused each other of politicising the issue ahead of the upcoming general elections scheduled for 2029.
महत्वपूर्ण तथ्य
2023 के कोटा कानून ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं दोनों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण निर्धारित किया, लेकिन इसकी सक्रियता को एक संविधान संशोधन से जोड़ा गया। इस संशोधन का उद्देश्य लोकसभा की कुल संख्या बढ़ाना था।
