Congress ने Modi Govt की Chabahar Port परियोजना से हटने को Central Asia में एक रणनीतिक झटका के रूप में चिह्नित किया — UPSC Current Affairs | March 15, 2026
Congress ने Modi Govt की Chabahar Port परियोजना से हटने को Central Asia में एक रणनीतिक झटका के रूप में चिह्नित किया
Congress leader Jairam Ramesh ने Modi Government की 2026‑27 Union Budget में Chabahar Port के फंडिंग को छोड़ने की आलोचना की, इसे भारत की Central Asian आउटरीच के लिए एक रणनीतिक झटका कहा। उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही $120 million की उपकरण प्रतिबद्धता पूरी कर ली है, लेकिन यह कदम Ayni एयर‑बेस के बंद होने के बाद आया है, जिससे विदेश नीति में निरंतरता को लेकर चिंताएँ उठ रही हैं।
Congress ने Chabahar Port पर केंद्र की स्थिति की आलोचना की Congress जनरल सेक्रेटरी (कम्युनिकेशन्स) Jairam Ramesh ने रविवार को Modi Government को भारत की Central Asia के आउटरीच में “रणनीतिक झटका” कहा। यह आलोचना तब आई जब Union Budget 2026‑27 ने Chabahar Port परियोजना के लिए कोई आवंटन नहीं किया। मुख्य विकास Ramesh ने X पर पूछा कि बजट omission यह संकेत देता है कि India परियोजना से बाहर निकल रहा है या केवल मौजूदा commitments की पूर्ति है। विदेश मंत्रालय ने संसद को बताया कि India ने पहले ही पोर्ट‑equipment procurement के लिए वादा किया गया $120 million भुगतान कर दिया है; आगे कोई फंड बकाया नहीं है। Ramesh ने बताया कि यह कदम Tajikistan में Ayni पर India के एयर‑फ़ोर्स बेस के बंद होने के बाद आया है, जो दूसरा कूटनीतिक झटका दर्शाता है। महत्वपूर्ण तथ्य India की Chabahar में भागीदारी 1990 के दशक के अंत तक जाती है, जिसे एक त्रिपक्षीय India‑Afghanistan‑Iran साझेदारी के रूप में देखा गया था। यह परियोजना तब गति पकड़ी जब पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh ने Tehran में 16वें Non‑Aligned Movement शिखर सम्मेलन में भाग लिया। May 2013 में, Union Cabinet ने Chabahar के लिए प्रारंभिक निवेश $115 million को मंजूरी दी, जबकि India India‑U.S. civil nuclear agreement को लागू कर रहा था।