Overview: एक नया समूह Nipah virus संक्रमण का 26 January 2026 को West Bengal, India में पुष्टि हुआ। दोनों मामलों में नर्सें थीं, जो वैज्ञानिक साहित्य में बार‑बार दी गई चेतावनियों के बावजूद क्षेत्रीय असुरक्षाओं को उजागर करती हैं।
Key Developments
- North 24 Parganas जिले में स्वास्थ्य‑कर्मियों में दो प्रयोगशाला‑पुष्ट मामलों की पुष्टि हुई; एक यांत्रिक वेंटिलेशन के बाद निधन हो गया, जबकि दूसरा ठीक हो कर डिस्चार्ज किया गया।
- भारत और बांग्लादेश में प्रकोप जारी हैं, जो वायरस की zoonotic disease प्रकृति और उच्च केस‑मृत्युदर को दर्शाते हैं।
- कोई लाइसेंस प्राप्त वैक्सीन या विशिष्ट एंटीवायरल उपचार उपलब्ध नहीं है; प्रबंधन प्रारंभिक सहायक देखभाल पर निर्भर करता है।
Important Facts
वायरस संक्रमित fruit bats, दूषित पशु उत्पादों या निकट व्यक्ति‑से‑व्यक्ति संपर्क के माध्यम से फैलता है। वनों की कटाई, शहरी विस्तार और तीव्र कृषि मानव‑और‑चमगादड़ के संपर्क को बढ़ाते हैं, जिससे स्पिल‑ओवर की संभावना बढ़ती है। सूअर भी प्रवर्धक मेज़बान बन सकते हैं, जिससे संक्रमण जोखिम और बढ़ जाता है।
World Health Organization (WHO) ने स्वीकृत दवाओं या वैक्सीन की अनुपस्थिति को नोट किया है, और निगरानी तथा सहायक देखभाल की भूमिका पर ज़ोर दिया है।
UPSC Relevance
Nipah खतरे को समझना कई GS पेपरों के साथ मेल खाता है: GS1 (Health security and disease outbreaks), GS2 (International health regulations and cross‑border cooperation), GS3 (Impact of agricultural practices on public health), और GS4 (Ethical dimensions of disease preparedness and One Health approaches).
Way Forward
Scientists advocate a One Health framework, regular funding, and robust regional coordination. Key actions include:
- लगातार स्थापित करना
