Overview
The Delhi High Court (DHC) Chief Justice Devendra Kumar Upadhyaya ने Arvind Kejriwal की याचिका को खारिज किया कि CBI के excise‑policy आपराधिक याचिका को Justice Swarana Kanta Sharma से स्थानांतरित किया जाए। यह आदेश प्रक्रियात्मक शुद्धता को रेखांकित करता है और बेंच‑आवंटन मामलों में हाई कोर्ट की हस्तक्षेप करने की अनिच्छा को दर्शाता है।
Key Developments
- 15 March 2026 को, DHC के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि याचिका सही ढंग से रोस्टर में है और किसी भी रीकॉल को न्यायाधीश स्वयं ही माँगना चाहिए।
- यह याचिका alleged liquor‑policy स्कैम में Kejriwal, Manish Sisodia और 21 अन्य लोगों की ट्रायल‑कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज को चुनौती देती है।
- Justice Sharma ने पहले ट्रायल कोर्ट के गवाहों के बयानों और अप्रोवर की गवाही पर प्रीमा‑फेसिए त्रुटियों को नोट किया था।
- कोर्ट ने CBI की याचिका के परिणाम की प्रतीक्षा में ट्रायल कोर्ट को स्थगित करने का निर्देश दिया।
Important Facts
ट्रायल कोर्ट ने, 27 February 2024 को, सभी 23 आरोपी को डिस्चार्ज कर दिया, यह कहते हुए कि Excise Policy के आरोप सह‑आरोपी के बयानों पर आधारित थे और कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं थी। इसने CBI की बार‑बार अप्रोवर के बयानों को पुनः रिकॉर्ड करने की आलोचना की ताकि साक्ष्य की कमी पूरी हो सके। ED ने पहले Kejriwal को संबंधित मनी‑लॉन्डरिंग केस में हिरासत में लिया था; उन्हें Supreme Court द्वारा 13 September 2024 को जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया।
Exam Relevance
यह केस कई GS विषयों को छूता है: न्यायपालिका का कार्यप्रणाली और स्वतंत्रता (GS2), CBI जैसी जांच एजेंसियों की भूमिका