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DRDO मोटिहारी एक्सपो (15‑18 अप्रैल, 2026) में उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भर पहलों को प्रदर्शित करेगा

DRDO मोटिहारी एक्सपो (15‑18 अप्रैल, 2026) में उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भर पहलों को प्रदर्शित करेगा
डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) 15‑18 अप्रैल 2026 को मोटिहारी एक्सपो में 30 से अधिक उन्नत रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा, जिससे भारत की आत्मनिर्भर (आत्मनिर्भर) रक्षा क्षमताओं की दिशा में उठाए गए कदम उजागर होंगे। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन MP श्री राधा मोहन सिंह ने किया, जो रणनीतिक स्वायत्तता को रेखांकित करती है और UPSC अभ्यर्थियों को स्वदेशी मिसाइल, तोपखाना और सुरक्षा तकनीकों के ठोस उदाहरण प्रदान करती है, जो GS III (रक्षा) और व्यापक ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति से संबंधित हैं।
अवलोकन DRDO DRDO 15 से 18 अप्रैल 2026 तक बिहार के मोटिहारी में महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में विभिन्न अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन श्री राधा मोहन सिंह, MP और संसद की रक्षा स्थायी समिति के अध्यक्ष ने किया, जिसका थीम “ शांति, सत्य और विज्ञान का संगम – सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर ” है। इसका उद्देश्य भारत की आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में प्रगति को दर्शाना है। मुख्य विकास (बुलेट पॉइंट्स) AEW&C सिस्टम का प्रदर्शन, जो स्थितिजन्य जागरूकता को बढ़ाता है। DRDO द्वारा विकसित मध्यम‑रेंज सतह‑से‑हवा मिसाइल Akash और उसके अगली पीढ़ी के लॉन्चर Akash‑NG को दिखाना। सुपरसोनिक BrahMos मिसाइल का प्रदर्शन। रणनीतिक हथियारों में A‑SAT मिसाइल, Prithvi और एंटी‑टैंक NAG शामिल हैं। तोपखाने में प्रगति, जिसमें ATAGS और Pinaka MLRS शामिल हैं। बख्तरबंद प्लेटफ़ॉर्म जैसे Arjun‑Mk‑I & II , Indian Light Tank (ILT) और मॉड्यूलर ब्रिजिंग समाधान। स्वदेशी प्रोपल्शन का प्रदर्शन: Kaveri Engine का त्वरित प्रोटोटाइप, जिसमें स्पेशियल रियलिटी डिस्प्ले शामिल है। सुरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन, जो विभिन्न परिचालन परिदृश्यों में सैनिकों की रक्षा के लिए विकसित की गई हैं।
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Quick Reference

Key Insight

DRDO का मोतिहारी एक्सपो स्वदेशी रक्षा तकनीक को प्रदर्शित करता है, आत्मनिर्भर भारत और संसदीय निगरानी को सुदृढ़ करता है।

Key Facts

  1. DRDO का प्रदर्शनी महात्मा गांधी प्रेक्षागृह, मोतिहारी में 15‑18 अप्रैल 2026 तक चलती है।
  2. 30 से अधिक स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जो मिसाइलों से लेकर नौसैनिक कंपोजिट्स तक हैं।
  3. प्रमुख प्रणालियों में AEW&C, Akash‑NG, BrahMos, A‑SAT मिसाइल, ATAGS, Pinaka MLRS, Arjun‑Mk‑I & II, और कावेरी इंजन का एक त्वरित प्रोटोटाइप शामिल हैं।
  4. इस कार्यक्रम का उद्घाटन श्री राधा मोहन सिंह, MP और Parliamentary Standing Committee on Defence के अध्यक्ष ने किया।
  5. प्रदर्शनी का थीम “Shanti, Satya Aur Vigyan Ka Sangam – Surakshit Aur Aatmanirbhar Bharat Ki Aur” है।
  6. यह भारत की स्वनिर्भर (Aatmanirbhar) रक्षा क्षमताओं और आयात निर्भरता को कम करने की दिशा को रेखांकित करता है।

Background

DRDO, भारत की शीर्ष रक्षा R&D एजेंसी के रूप में, स्वदेशी प्रणालियों के माध्यम से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को आगे बढ़ाता है, जो Aatmanirbhar Bharat नीति के साथ संरेखित है। संसदीय निगरानी, जो Standing Committee on Defence द्वारा उदाहरणित है, जवाबदेही सुनिश्चित करती है और स्वदेशी उत्पादन के लिए नीति समर्थन को सुविधाजनक बनाती है, जो GS‑II (Polity) और GS‑III (Defence & Economy) में एक प्रमुख फोकस है।

UPSC Syllabus

  • GS2 — Parliament and State Legislatures - structure, functioning, powers and privileges
  • GS2 — Comparison with other countries constitutional schemes

Mains Angle

GS‑III: विश्लेषण करें कि मोतिहारी में प्रदर्शित स्वदेशी रक्षा तकनीकें रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को कैसे बढ़ाती हैं, और आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में संसदीय निगरानी की भूमिका पर चर्चा करें।

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अवलोकन

DRDO DRDO 15 से 18 अप्रैल 2026 तक बिहार के मोटिहारी में महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में विभिन्न अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन श्री राधा मोहन सिंह, MP और संसद की रक्षा स्थायी समिति के अध्यक्ष ने किया, जिसका थीम “शांति, सत्य और विज्ञान का संगम – सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर” है। इसका उद्देश्य भारत की आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में प्रगति को दर्शाना है।

मुख्य विकास (बुलेट पॉइंट्स)

  • AEW&C सिस्टम का प्रदर्शन, जो स्थितिजन्य जागरूकता को बढ़ाता है।
  • DRDO द्वारा विकसित मध्यम‑रेंज सतह‑से‑हवा मिसाइल Akash और उसके अगली पीढ़ी के लॉन्चर Akash‑NG को दिखाना।
  • सुपरसोनिक BrahMos मिसाइल का प्रदर्शन।
  • रणनीतिक हथियारों में A‑SAT मिसाइल, Prithvi और एंटी‑टैंक NAG शामिल हैं।
  • तोपखाने में प्रगति, जिसमें ATAGS और Pinaka MLRS शामिल हैं।
  • बख्तरबंद प्लेटफ़ॉर्म जैसे Arjun‑Mk‑I & II, Indian Light Tank (ILT) और मॉड्यूलर ब्रिजिंग समाधान।
  • स्वदेशी प्रोपल्शन का प्रदर्शन: Kaveri Engine का त्वरित प्रोटोटाइप, जिसमें स्पेशियल रियलिटी डिस्प्ले शामिल है।
  • सुरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन, जो विभिन्न परिचालन परिदृश्यों में सैनिकों की रक्षा के लिए विकसित की गई हैं।
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DRDO का मोतिहारी एक्सपो स्वदेशी रक्षा तकनीक को प्रदर्शित करता है, आत्मनिर्भर भारत और संसदीय निगरानी को सुदृढ़ करता है।

Key Facts

  1. DRDO का प्रदर्शनी महात्मा गांधी प्रेक्षागृह, मोतिहारी में 15‑18 अप्रैल 2026 तक चलती है।
  2. 30 से अधिक स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जो मिसाइलों से लेकर नौसैनिक कंपोजिट्स तक हैं।
  3. प्रमुख प्रणालियों में AEW&C, Akash‑NG, BrahMos, A‑SAT मिसाइल, ATAGS, Pinaka MLRS, Arjun‑Mk‑I & II, और कावेरी इंजन का एक त्वरित प्रोटोटाइप शामिल हैं।
  4. इस कार्यक्रम का उद्घाटन श्री राधा मोहन सिंह, MP और Parliamentary Standing Committee on Defence के अध्यक्ष ने किया।
  5. प्रदर्शनी का थीम “Shanti, Satya Aur Vigyan Ka Sangam – Surakshit Aur Aatmanirbhar Bharat Ki Aur” है।
  6. यह भारत की स्वनिर्भर (Aatmanirbhar) रक्षा क्षमताओं और आयात निर्भरता को कम करने की दिशा को रेखांकित करता है।

Background & Context

DRDO, भारत की शीर्ष रक्षा R&D एजेंसी के रूप में, स्वदेशी प्रणालियों के माध्यम से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को आगे बढ़ाता है, जो Aatmanirbhar Bharat नीति के साथ संरेखित है। संसदीय निगरानी, जो Standing Committee on Defence द्वारा उदाहरणित है, जवाबदेही सुनिश्चित करती है और स्वदेशी उत्पादन के लिए नीति समर्थन को सुविधाजनक बनाती है, जो GS‑II (Polity) और GS‑III (Defence & Economy) में एक प्रमुख फोकस है।

UPSC Syllabus Connections

GS2•Parliament and State Legislatures - structure, functioning, powers and privilegesGS2•Comparison with other countries constitutional schemes

Mains Answer Angle

GS‑III: विश्लेषण करें कि मोतिहारी में प्रदर्शित स्वदेशी रक्षा तकनीकें रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को कैसे बढ़ाती हैं, और आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में संसदीय निगरानी की भूमिका पर चर्चा करें।

Analysis

Practice Questions

GS3
Easy
Prelims MCQ

रक्षा प्रौद्योगिकी

1 marks
3 keywords
GS3
Medium
Mains Short Answer

देशी रक्षा उत्पादन

10 marks
4 keywords
GS2
Hard
Mains Essay

राजनीति एवं रक्षा नीति

250 marks
5 keywords
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