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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय DST, CSIR और DBT के राष्ट्रीय नवाचार एवं ग्रामीण आजीविका योजनाएँ लागू कर रहे हैं

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय DST, CSIR और DBT के राष्ट्रीय नवाचार एवं ग्रामीण आजीविका योजनाएँ लागू कर रहे हैं
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने DST, CSIR और DBT के माध्यम से PRAYAS, iTBIs, SEED, Biotech‑KISAN और BIRAC जैसी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की है, जिससे R&D, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्ट‑अप इनक्यूबेशन और ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा मिले, और भारत भर में समावेशी विकास और आजीविका सृजन को लक्षित किया गया है।
DST, CSIR और DBT के तहत राष्ट्रीय नवाचार और ग्रामीण आजीविका योजनाएँ सरकार ने DST , CSIR और DBT के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम स्थापित किए हैं, जिनका उद्देश्य R&D पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और विज्ञान‑आधारित आजीविकाएँ प्रदान करना है, विशेष रूप से वंचित वर्गों और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए। मुख्य विकास PRAYAS ( PRAYAS ) प्रोटोटाइपिंग अनुदान, बीज वित्तपोषण और त्वरित समर्थन प्रदान करता है, जो TBIs के नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध है। Tier‑2/3 शहरों में समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए iTBIs की स्थापना। SEED कार्यक्रमों जैसे SYST, TIDE, STW, SUNIL और STI हब्स को आजीविका सृजन के लिए समर्थन। National Innovation Foundation ( NIF ) आईपी सुरक्षा और सतत नवाचारों के प्रसार को सुविधाजनक बनाता है। CSIR की ग्रामीण आउटरीच परियोजना “Creating livelihood opportunities in rural areas through CSIR technologies using UBA‑VIBHA Network” ने विभिन्न राज्यों में लगभग 3,400 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। DBT का Biotech‑KISAN कार्यक्रम — DBT का किसान‑केन्द्रित मिशन जो कृषि में बायोटेक्नोलॉजी समाधान को स्थानांतरित करके उत्पादन बढ़ाता है।
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Quick Reference

Key Insight

Science & Tech योजनाएँ समावेशी नवाचार और ग्रामीण आजीविका को पूरे भारत में प्रेरित करती हैं

Key Facts

  1. PRAYAS (DST) प्रोटोटाइपिंग अनुदान और बीज फंडिंग प्रदान करता है, जो Technology Business Incubators (TBIs) के नेटवर्क के माध्यम से दिया जाता है।
  2. Inclusive TBIs (iTBIs) Tier‑2/3 शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं ताकि महिलाओं, विकलांग और हाशिए पर रहने वाले उद्यमियों को समर्थन मिल सके।
  3. DST के तहत SEED कार्यक्रम SYST, TIDE, STW, SUNIL और STI हब्स को SC/ST, दिव्यांगजन, बुजुर्ग और महिलाओं के लिए फंड करता है।
  4. National Innovation Foundation (NIF) जमीनी स्तर की नवाचारों की खोज, सत्यापन और स्केलिंग करता है और बौद्धिक संपदा संरक्षण सुनिश्चित करता है।
  5. CSIR का UBA‑VIBHA ग्रामीण आउटरीच प्रोजेक्ट ने 2026 में लगभग 3,400 प्रतिभागियों को प्रौद्योगिकी‑आधारित आजीविका विकल्पों पर प्रशिक्षित किया।
  6. DBT का Biotech‑KISAN कार्यक्रम किसानों को बायोटेक्नोलॉजी समाधान प्रदान करता है ताकि कृषि उत्पादकता बढ़े।

Background

ये पहल GS3 के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति पाठ्यक्रम और GS2 के समावेशी विकास एवं आजीविका सृजन पर केंद्रित विषयों के साथ संरेखित हैं। अनुसंधान संस्थानों को इनक्यूबेशन और किसान‑केन्द्रित कार्यक्रमों से जोड़कर, सरकार शहरी‑ग्रामीण अंतर को पाटने और एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का लक्ष्य रखती है।

UPSC Syllabus

  • GS3 — Developments in science and technology and their applications
  • Essay — Economy, Development and Inequality
  • Essay — Science, Technology and Society
  • GS3 — Inclusive Growth and issues arising from it

Mains Angle

मुख्य परीक्षा के उत्तर में, उम्मीदवार चर्चा कर सकते हैं कि DST, CSIR और DBT की योजनाएँ विज्ञान‑आधारित आजीविका सृजन के माध्यम से समावेशी विकास (GS2) को कैसे कार्यान्वित करती हैं, और राष्ट्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (GS3) पर उनका प्रभाव कैसे मूल्यांकित किया जा सकता है।

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Full Article

DST, CSIR और DBT के तहत राष्ट्रीय नवाचार और ग्रामीण आजीविका योजनाएँ

सरकार ने DST, CSIR और DBT के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम स्थापित किए हैं, जिनका उद्देश्य R&D पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और विज्ञान‑आधारित आजीविकाएँ प्रदान करना है, विशेष रूप से वंचित वर्गों और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए।

मुख्य विकास

  • PRAYAS (PRAYAS) प्रोटोटाइपिंग अनुदान, बीज वित्तपोषण और त्वरित समर्थन प्रदान करता है, जो TBIs के नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध है।
  • Tier‑2/3 शहरों में समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए iTBIs की स्थापना।
  • SEED कार्यक्रमों जैसे SYST, TIDE, STW, SUNIL और STI हब्स को आजीविका सृजन के लिए समर्थन।
  • National Innovation Foundation (NIF) आईपी सुरक्षा और सतत नवाचारों के प्रसार को सुविधाजनक बनाता है।
  • CSIR की ग्रामीण आउटरीच परियोजना “Creating livelihood opportunities in rural areas through CSIR technologies using UBA‑VIBHA Network” ने विभिन्न राज्यों में लगभग 3,400 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
  • DBT का Biotech‑KISAN कार्यक्रम — DBT का किसान‑केन्द्रित मिशन जो कृषि में बायोटेक्नोलॉजी समाधान को स्थानांतरित करके उत्पादन बढ़ाता है।
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Science & Tech योजनाएँ समावेशी नवाचार और ग्रामीण आजीविका को पूरे भारत में प्रेरित करती हैं

Key Facts

  1. PRAYAS (DST) प्रोटोटाइपिंग अनुदान और बीज फंडिंग प्रदान करता है, जो Technology Business Incubators (TBIs) के नेटवर्क के माध्यम से दिया जाता है।
  2. Inclusive TBIs (iTBIs) Tier‑2/3 शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं ताकि महिलाओं, विकलांग और हाशिए पर रहने वाले उद्यमियों को समर्थन मिल सके।
  3. DST के तहत SEED कार्यक्रम SYST, TIDE, STW, SUNIL और STI हब्स को SC/ST, दिव्यांगजन, बुजुर्ग और महिलाओं के लिए फंड करता है।
  4. National Innovation Foundation (NIF) जमीनी स्तर की नवाचारों की खोज, सत्यापन और स्केलिंग करता है और बौद्धिक संपदा संरक्षण सुनिश्चित करता है।
  5. CSIR का UBA‑VIBHA ग्रामीण आउटरीच प्रोजेक्ट ने 2026 में लगभग 3,400 प्रतिभागियों को प्रौद्योगिकी‑आधारित आजीविका विकल्पों पर प्रशिक्षित किया।
  6. DBT का Biotech‑KISAN कार्यक्रम किसानों को बायोटेक्नोलॉजी समाधान प्रदान करता है ताकि कृषि उत्पादकता बढ़े।

Background & Context

ये पहल GS3 के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति पाठ्यक्रम और GS2 के समावेशी विकास एवं आजीविका सृजन पर केंद्रित विषयों के साथ संरेखित हैं। अनुसंधान संस्थानों को इनक्यूबेशन और किसान‑केन्द्रित कार्यक्रमों से जोड़कर, सरकार शहरी‑ग्रामीण अंतर को पाटने और एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का लक्ष्य रखती है।

UPSC Syllabus Connections

GS3•Developments in science and technology and their applicationsEssay•Economy, Development and InequalityEssay•Science, Technology and SocietyGS3•Inclusive Growth and issues arising from it

Mains Answer Angle

मुख्य परीक्षा के उत्तर में, उम्मीदवार चर्चा कर सकते हैं कि DST, CSIR और DBT की योजनाएँ विज्ञान‑आधारित आजीविका सृजन के माध्यम से समावेशी विकास (GS2) को कैसे कार्यान्वित करती हैं, और राष्ट्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (GS3) पर उनका प्रभाव कैसे मूल्यांकित किया जा सकता है।

Analysis

Practice Questions

Prelims
Easy
Prelims MCQ

DST कार्यक्रम

1 marks
4 keywords
GS2
Medium
Mains Short Answer

समावेशी विकास और विज्ञान नीति

10 marks
6 keywords
GS2
Hard
Mains Essay

समावेशी विकास के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

250 marks
8 keywords
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