India‑Iran रणनीतिक साझेदारी: 10‑साल का Chabahar Port लीज, JCPOA प्रभाव और US Sanctions Waiver — UPSC Current Affairs | March 5, 2026
India‑Iran रणनीतिक साझेदारी: 10‑साल का Chabahar Port लीज, JCPOA प्रभाव और US Sanctions Waiver
India ने Iran के Chabahar Port को संचालित करने के लिए 10‑साल का लीज साइन किया है, जिससे Afghanistan और Central Asia तक एक समुद्री‑स्थलीय कॉरिडोर सुरक्षित हुआ है, जबकि United States ने CAATSA waiver को अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया है। यह समझौता Iran के विवादास्पद nuclear programme, ठहराए हुए JCPOA, और क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता के बीच सामने आया है, जिससे UPSC के विदेशी नीति, ऊर्जा सुरक्षा, और sanctions पर विषयों के लिए यह एक महत्वपूर्ण केस स्टडी बनता है।
India‑Iran Strategic Tie‑up: 10‑Year Chabahar Port Lease, JCPOA Fallout & US Sanctions Waiver समीक्षा India और Iran, एक सहस्राब्दी सभ्यतात्मक बंधन से जुड़े हुए, तीव्र US दबाव के बावजूद सहयोग को गहरा कर रहे हैं। नवीनतम विकास एक 10‑साल का लीज समझौता है Indian Ports Global Limited (IPGL) और Iran की Port & Maritime Organisation (PMO) के बीच। यह समझौता, लगभग US$370 million मूल्य का, India को Afghanistan और Central Asia तक एक समुद्री‑स्थलीय कॉरिडोर तक पहुँच सुनिश्चित करता है, जबकि United States ने CAATSA waiver को April 2026 तक बढ़ा दिया है। Key Developments (Bullet Points) May 13 2024 – IPGL ने 10‑साल का संचालन अनुबंध Shahid‑Beheshti टर्मिनल के लिए Chabahar Port पर साइन किया। निवेश: US$120 million + US$250 million वित्तपोषण। U.S. Deputy Spokesperson ने इस समझौते को स्वीकार किया; बाद में, CAATSA के तहत छह‑महीने का waiver अप्रैल 2026 तक दिया गया। Iran अपना nuclear enrichment programme जारी रखता है; JCPOA 2018 में US के withdrawal के बाद ठहरा हुआ है। Iran NPT का हस्ताक्षरकर्ता बना हुआ है, लेकिन नागरिक सीमाओं से परे enrichment क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएँ उत्पन्न करता है। यह International N