India‑Russia‑China संवाद आर्कटिक सहयोग में गति प्राप्त – उत्तरी समुद्री मार्ग और ध्रुवीय कूटनीति पर केंद्रित
13 August 2026 को, एक वरिष्ठ रूसी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि भारत और चीन रूस के लिए Arctic एजेंडा में सबसे उत्पादक साझेदार हैं। यह बयान चौथे Arctic‑Regions फोरम में दिया गया और मॉस्को द्वारा एशियाई शक्तियों के साथ संबंधों को गहरा करने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है, ताकि Northern Sea Route और संबंधित परियोजनाओं का विकास किया जा सके।
मुख्य विकास
- Russian Foreign Ministry’s Vladislav Maslennikov ने भारत और चीन की संयुक्त Arctic पहलों में बढ़ती रुचि को उजागर किया।
- President Vladimir Putin ने international maritime law के ढांचे में सहयोग के लिए रूस की तत्परता को दोहराया।
- Indian parliamentary panel ने आर्कटिक और अंटार्कटिक मामलों में भारत की उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एक समर्पित polar ambassador बनाने की सिफारिश की।
- India और China दोनों को रूस के “friends” के रूप में वर्णित किया गया, जो उच्च अक्षांश क्षेत्र में रणनीतिक संरेखण दर्शाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
Arctic अपने बर्फीले शीटों में ग्रह के लगभग 70% ताज़ा पानी को रखता है और लगभग चार मिलियन लोगों का घर है, जिनमें से 10% स्वदेशी हैं। इस क्षेत्र की पिघलती बर्फ नई समुद्री मार्ग खोल रही है, विशेष रूप से Northern Sea Route, जो यात्रा समय को 40% तक कम कर सकता है।