समीक्षा
Gulf of Khambhat एक लगातार जल‑कमी क्षेत्र रहा है। Gujarat ने 1900 से लगभग 30 सूखे दर्ज किए हैं, जो हर तीन साल में Saurashtra, Kutch और North Gujarat को प्रभावित करते हैं। Kalpasar Project इस चक्र को समाप्त करने के लिए एक विशाल freshwater reservoir और संबंधित बुनियादी ढाँचा बनाने का लक्ष्य रखता है।
मुख्य विकास
- प्रधान मंत्री Narendra Modi ने 2025 में डच Afsluitdijk का दौरा किया और Kalpasar पर तकनीकी सहयोग के लिए Letter of Intent पर हस्ताक्षर किए।
- pre‑feasibility report (2022) 60.13 km की बाँध, 7,800 MCM भंडारण और 10.54 लाख हेक्टेयर के सिंचन का विवरण देता है।
- चार प्रमुख नदियाँ (Sabarmati, Mahi, Dhadhar, Narmada) और सात छोटी नदियाँ Bhadbhut barrage पर एक डाइवर्शन कैनाल के माध्यम से जलाशय को पानी देंगी।
- 1,000 MW सौर + 1,500 MW पवन की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को परियोजना को शक्ति प्रदान करने के लिए निर्धारित किया गया है।
- 16‑लेन सड़क और 4‑लेन रेल लिंक Gulf के पार यात्रा दूरी को 240 km से घटाकर 60 km कर देगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
- बाँध की लंबाई: 60.13 km (26.7 km समुद्र में, 33.43 km किनारों पर)।
- भंडारण क्षमता: 7,800 million cubic metres (MCM), दुनिया की सबसे बड़ी में से एक।
- सिंचाई कवरेज: नौ Saurashtra जिलों में 10.54 लाख हेक्टेयर।
- भूमि पुनः प्राप्ति: ~1.76 लाख हेक्टेयर कृषि और बस्ती के लिए।
- मछली पालन परिवर्तन: Freshwater fish उत्पादन 2,000 से बढ़कर 20,000 टन होने की संभावना है।
- ज्वारीय अंतराल: लगभग 13 metres, प्राकृतिक हेड प्रदान करता है।