समीक्षा
Wadia Institute of Himalayan Geology के शोधकर्ताओं ने Ladakh Magmatic Arc (LMA) के 130‑million‑year इतिहास को ट्रेस किया। चट्टान रसायन विज्ञान और आय isotopic संकेतों का विश्लेषण करके, उन्होंने तीन मैग्मेटिक एपिसोड पहचाने जो प्राचीन Neo‑Tethys Ocean की गतिशीलता और अंततः India‑Eurasia टकराव को प्रतिबिंबित करते हैं।
मुख्य विकास
- तीन मैग्मेटिक चरण पहचाने गए: 160–110 Ma, 103–45 Ma, और <45 Ma, प्रत्येक के अलग-अलग जियोकेमिकल सिग्नेचर हैं।
- प्रारंभिक चरण (160–110 Ma) ने एक ज्वालामुखीय‑आइलैंड आर्क (Dras‑Nidar Island Arc Complex) का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें मेंटल‑उत्पन्न मैग्मा और न्यूनतम तलछट इनपुट था।
- मध्यवर्ती चरण (103–45 Ma) में Kohistan‑Ladakh Batholith का निर्माण हुआ, जो पुनर्चक्रित तलछट और महाद्वीपीय क्रस्ट की अधिक भागीदारी को दर्शाता है।
- पोस्ट‑कोलिशनल चरण (<45 Ma) ने मैफिक डाइक्स उत्पन्न किए, जो मेंटल स्रोत से निकले थे जो पहले के सबडक्शन प्रक्रियाओं द्वारा पहले से ही समृद्ध था।
- जियोकेमिकल और आय isotopic उपकरण (Sr‑Nd isotopes) ने "भूवैज्ञानिक समय मशीन" की तरह कार्य किया, जिससे मेंटल, तलछटी और क्रस्टल मैग्मा स्रोतों में अंतर किया जा सका।
महत्वपूर्ण तथ्य
अध्ययन ने तीन चट्टान समूहों की तुलना की:
- DNIAC: ज्वालामुखीय आइलैंड आर्क चट्टानें जो मेंटल‑प्रधान रसायन विज्ञान दिखाती हैं।
- LB: ग्रेनाइटिक इंट्रूज़न जो अधिक मजबूत महाद्वीपीय संकेत दिखाते हैं।
- पोस्ट‑कोलिशनल मैफिक डाइक्स: संकरी काली शीटें जो पुरानी संरचनाओं को काटती हैं, मुख्य टकराव के बाद निरंतर मैग्मेटिज्म को दर्शाती हैं।
आय isotopic अनुपात of