भारत ने मेक‑इन‑इंडिया के तहत इज़रायली NEGEV LMGs की पहली बैच प्राप्त की – 2,000 इकाइयाँ डिलीवर — UPSC Current Affairs | April 1, 2026
भारत ने मेक‑इन‑इंडिया के तहत इज़रायली NEGEV LMGs की पहली बैच प्राप्त की – 2,000 इकाइयाँ डिलीवर
भारत ने 2,000 इज़रायली‑निर्मित <span class="key-term" data-definition="Light Machine Gun (LMG) — an automatic firearm designed for sustained fire, used by infantry units (GS3: Defence)">LMGs</span> की पहली बैच <span class="key-term" data-definition="Make in India — a Government of India initiative to boost domestic manufacturing and reduce import dependence (GS2: Polity/Economy)">Make in India</span> कार्यक्रम के तहत प्राप्त की, जिसमें IWI‑Adani संयुक्त उद्यम <span class="key-term" data-definition="PLR Systems — a partnership between Israel Weapons Industries and the Adani Group to produce small arms in India (GS2: Polity/Economy)">PLR Systems</span> के माध्यम से तकनीकी हस्तांतरण शामिल है। यह डिलीवरी भारत‑इज़राइल रक्षा सहयोग को विस्तारित करने में एक मील का पत्थर है और <span class="key-term" data-definition="CQB carbines — close‑quarter battle rifles designed for short‑range engagements (GS3: Defence)">CQB carbines</span> तथा अन्य उन्नत हथियारों की आगे की आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।
Overview 2026 की शुरुआत में, 2,000 इकाइयाँ NEGEV 7.62x51 भारतीय सशस्त्र बलों को सौंप दी गईं। यह डिलीवरी 41,000 हथियारों के बड़े अनुबंध का हिस्सा है, जिसमें अतिरिक्त 4,000 इकाइयाँ वर्ष के बाद में निर्धारित हैं। यह लेन‑देन Make in India ढाँचे के तहत किया गया है, जिसमें पूर्ण तकनीकी हस्तांतरण शामिल है। Key Developments पहली बैच 2,000 LMGs PLR Systems द्वारा वितरित की गई। अनुबंध में कुल 41,000 NEGEV हथियार शामिल हैं; वर्ष‑अंत तक अतिरिक्त 4,000 इकाइयाँ आएँगी। एक अलग समझौता 170,000 CQB carbines के लिए किया गया है, जिसमें 18,000 इकाइयाँ 2026 में डिलीवर होंगी। तकनीकी हस्तांतरण पूरा हो गया है, जिससे उन्नत छोटे हथियारों का घरेलू उत्पादन संभव हुआ है। नवंबर 2025 में भारत‑इज़राइल रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर हस्ताक्षर किए गए। Important Facts NEGEV LMG अपने वर्ग में सबसे हल्के 7.62 mm हथियारों में से एक है, जो अर्ध‑स्वचालित और पूर्ण‑स्वचालित दोनों प्रकार की गोलीबारी प्रदान करता है। इसे हेलिकॉप्टर, वाहन और नौसैनिक प्लेटफ़ॉर्म पर स्थापित किया जा सकता है, और इसमें Picatinny रेल, ट्रिटियम नाइट साइट और NATO standards के अनुरूपता शामिल है। इसका 7.62 mm कारतूस किलेबंद कवर को भेदने की क्षमता देता है, जिससे यह शहरी युद्ध और उच्च‑तीव्रता वाले संचालन के लिए उपयुक्त है। UPSC Relevance रक्षा खरीद नीति: यह समझौता शुद्ध आयात‑आधारित खरीद से विदेशी तकनीकी हस्तांतरण के साथ स्वदेशी उत्पादन की ओर बदलाव को दर्शाता है, जो GS3 में एक प्रमुख विषय है। रणनीतिक साझेदारियाँ: भारत‑इज़राइल सहयोग भारत की व्यापक विदेश‑नीति के लक्ष्य को दर्शाता है, जो रक्षा साझेदारों को विविधित करने के लिए है, और यह GS1 (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के लिए प्रासंगिक है। Make in India प्रभाव: यह उद्यम दर्शाता है कि यह पहल उच्च‑प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कैसे लागू की जा रही है, जो GS2 के विषयों से जुड़ी है।