Project Great Indian Bustard कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम – चौथे वर्ष की उपलब्धि
Great Indian Bustard (GIB) कार्यक्रम ने दो चूजों के राजस्थान के Conservation Breeding Centre में निकलने के बाद अपना चौथा वर्ष शुरू कर लिया है। इस निकास से कैप्टिव जनसंख्या 70 पक्षियों तक पहुँच गई है और Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC) द्वारा संचालित प्रमुख संरक्षण प्रयास में प्रगति का संकेत मिलता है।
मुख्य विकास (April‑March 2026)
- इस सप्ताह दो चूजे जन्मे – एक artificial insemination के माध्यम से और दूसरा प्राकृतिक मिलन से।
- कैप्टिव में GIBs की कुल संख्या 70 तक बढ़ गई है, जो कार्यक्रम की शुरुआत से निरंतर वृद्धि को दर्शाती है।
- Union Minister Shri Bhupender Yadav ने घोषणा की कि इस वर्ष के कुछ कैप्टिव‑ब्रीडेड चूजों को प्राकृतिक आवासों में soft release के माध्यम से छोड़ा जाएगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
कार्यक्रम, जिसे आधिकारिक रूप से Project Great Indian Bustard कहा जाता है, Prime Minister Shri Narendra Modi के पर्यावरण‑सचेत नेतृत्व में संचालित होता है। राजस्थान में Conservation Breeding Centre प्रजनन, स्वास्थ्य निगरानी और अंततः रिलीज़ के लिए नियंत्रित वातावरण प्रदान करता है। हालिया निकास दोनों प्राकृतिक और सहायक प्रजनन तकनीकों की सफलता को दर्शाते हैं।
UPSC प्रासंगिकता
इस कार्यक्रम को समझना GS‑III (Environment) और GS‑I के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।