Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar – राष्ट्रीय पुरस्कार जो आपदा प्रबंधन उत्कृष्टता को मान्यता देता है
Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar, जो हर साल 23 जनवरी को घोषित किया जाता है, आपदा प्रबंधन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करता है। National Awards Portal के माध्यम से पूरे वर्ष खुले नामांकन नागरिकों, NGOs, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे भारत की आपदा लचीलापन मजबूत होती है और UPSC अभ्यर्थियों के लिए मूल्यवान केस स्टडीज उपलब्ध होते हैं।
Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar – अवलोकन The Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar का उद्देश्य सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करना है जो भारत की आपदा को रोकने, तैयार करने, प्रतिक्रिया देने और उससे उबरने की क्षमता को बढ़ाती हैं। Instituted by the Ministry of Home Affairs, यह पुरस्कार दो श्रेणियों में दिया जाता है – Individual (scroll and medal) and Institution (scroll and plaque). मुख्य विकास नामांकन विंडो पूरे वर्ष खुली रहती है, जिससे योग्य उम्मीदवारों की निरंतर पहचान संभव होती है। आवेदन केवल National Awards Portal (https://awards.gov.in) के माध्यम से ही जमा किए जा सकते हैं। स्वयं‑नामांकन और तृतीय‑पक्ष नामांकन दोनों की अनुमति है, जिससे भागीदारी का दायरा बढ़ता है। पात्रता भारतीय नागरिकों, संस्थानों, NGOs, अनुसंधान संस्थाओं, निजी क्षेत्र की कंपनियों और राष्ट्रीय, राज्य तथा जिला स्तर पर सरकारी इकाइयों तक विस्तारित है। महत्वपूर्ण तथ्य यह पुरस्कार पूरे आपदा प्रबंधन चक्र में योगदान को मान्यता देता है, जिसमें शामिल हैं: Disaster Management गतिविधियाँ जैसे रोकथाम, शमन, तैयारी, प्रतिक्रिया, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण। early warning systems में नवाचार और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम। शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों द्वारा किए गए अनुसंधान और क्षमता‑निर्माण पहल। Effective collaboration between NGOs , civil society and government agencies. शमन उपाय जो संवेदनशीलता को कम करते हैं, जैसे बाढ़-समतल ज़ोनिंग, भूकंपीय पुनर्संरचना और पारिस्थितिकी‑आधारित दृष्टिकोण (
Quick Reference
Key Insight
Aapda Prabandhan Puraskar भारत की आपदा‑प्रबंधन उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है, जो शासन और लचीलापन के लिए महत्वपूर्ण है
Key Facts
- मंत्रालय गृह विभाग (MHA) द्वारा स्थापित और 23 जनवरी को (Subhash Chandra Bose के जन्मदिन) घोषित किया गया।
- दो श्रेणियों में प्रदान किया जाता है – व्यक्तिगत (स्क्रॉल और पदक) और संस्थागत (स्क्रॉल और प्लेट)।
- नामांकन की अवधि पूरे वर्ष खुली रहती है; आवेदन केवल National Awards Portal (awards.gov.in) के माध्यम से जमा किए जाते हैं।
- पात्रता: भारतीय नागरिक, NGOs, अनुसंधान संस्थान, निजी कंपनियां, और राष्ट्रीय, राज्य तथा जिला स्तर पर सरकारी एजेंसियां।
- आपदा‑प्रबंधन चक्र – रोकथाम, शमन, तैयारी, प्रतिक्रिया, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण में योगदान को मान्यता देता है।
- सीधे Disaster Management Act, 2005 और National Disaster Management Framework से जुड़ा है।
- पुरस्कार प्रारंभिक‑चेतावनी प्रणालियों, सामुदायिक जागरूकता, और पारिस्थितिकी‑आधारित शमन उपायों में नवाचार को प्रोत्साहित करता है।
Background
Puraskar Disaster Management Act, 2005 को लागू करता है, सर्वोत्तम‑प्रैक्टिस मॉडल को पुरस्कृत करके जो बहु‑हितधारक भागीदारी को दर्शाते हैं – यह GS2 (Polity) और GS3 (Environment) पेपरों में बार‑बार आने वाला विषय है। यह प्रतिक्रियात्मक राहत से सक्रिय जोखिम कमी और लचीले शासन की ओर बदलाव को रेखांकित करता है।
UPSC Syllabus
- GS3 — Disaster and disaster management
- Essay — Democracy, Governance and Public Administration
Mains Angle
GS2/GS3 – चर्चा करें कि Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar जैसी मान्यताएँ भारत में आपदा‑जोखिम कमी, सार्वजनिक‑निजी साझेदारी और सामुदायिक लचीलापन को कैसे सुदृढ़ कर सकती हैं।