Supreme Court का जीवन‑समर्थन हटाने और अंग दान पर फैसला
On 25 March 2026, the Supreme Court ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया जिससे CANH को Harish Rana के लिए हटाने की अनुमति मिली, जो 31‑साल के थे और 2013 में गिरने के बाद 13 साल से vegetative state में थे।
मुख्य विकास
- Supreme Court ने AIIMS‑Delhi में palliative care जारी रखते हुए कृत्रिम पोषण को समाप्त करने की अनुमति दी।
- Harish Rana की जीवन समर्थन हटाने के बाद 24 March 2026 को मृत्यु हो गई।
- परिवार ने पाँच अंग दान किए, जिससे निःस्वार्थ organ donation का सार्वजनिक उदाहरण स्थापित हुआ।
- उनका दाह Green Park cremation ground, South Delhi में हुआ, जिसमें रिश्तेदारों, NGOs, AIIMS स्टाफ और आध्यात्मिक समूह Brahma Kumaris की भागीदारी थी।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह घटना तब शुरू हुई जब Harish, तब Panjab University में B.Tech छात्र थे, 2013 में चौथे मंजिल के बालकनी से गिर पड़े, जिससे अपरिवर्तनीय मस्तिष्क चोट लगी। कोर्ट आदेश के बाद उन्हें शुरुआती मार्च 2026 में AIIMS‑Delhi पैलियेटिव यूनिट में स्थानांतरित किया गया। मेडिकल बोर्ड ने उनकी स्थिति की अपरिवर्तनीयता की पुष्टि की, जिससे जीवन‑सहायक उपायों को हटाना उचित ठहराया गया।
दाह के दौरान, उनके छोटे भाई Ashish Rana ने चिता प्रज्वलित की, और उनकी बहन Bhavna ने मदद की। पिता Ashok Rana के नेतृत्व में परिवार ने शोकाकुल लोगों से रोने से बचने को कहा, शांति पूर्ण प्रस्थान पर ज़ोर दिया। पाँच अंग प्रत्यारोपण के लिए दान किए गए, और Brahma Kumaris ने ‘भोग’ अनुष्ठान की घोषणा की जिसमें Harish के पसंदीदा भोजन को hi