Overview
मध्य प्रदेश में Bhojshala Temple और Kamal Maula Mosque के बीच चल रहा विवाद एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया जब Supreme Court ने भरोसा जताया कि MP High Court ASI द्वारा किए गए videography में दर्ज आपत्तियों पर उचित विचार करेगी। यह मामला भारत की न्यायिक प्रणाली में विरासत संरक्षण, धार्मिक संवेदनशीलता और प्रक्रिया‑समानता के आपसी संबंध को उजागर करता है।
Key Developments
- Supreme Court बेंच (CJI Surya Kant, Justices Joymalya Bagchi & Vipul Pancholi) ने Maulana Kamaluddin Welfare Society द्वारा ASI वीडियो रिकॉर्ड्स की माँग पर सुनवाई की।
- High Court ने आवेदन को स्थगित कर दिया, यह कहा कि इसे अंतिम सुनवाई में जांचा जाएगा।
- Senior Advocate Salman Khurshid ने तर्क दिया कि उत्खनन Supreme Court के अप्रैल 2024 के निर्देशों के बावजूद जारी रहा, और मस्जिद प्रबंधन की आपत्तियां ASI वीडियो में दर्ज थीं।
- Advocate Vishnu Shankar Jain, जो Hindu Front for Justice का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ने उजागर किया कि High Court का अंतरिम आदेश Supreme Court के पहले के समय‑बद्ध निर्णय निर्देश के अनुरूप है।
- Supreme Court ने दोहराया कि उसने मेरिट पर कोई राय नहीं व्यक्त की है और सभी मुद्दों को खुला छोड़ दिया है, जिससे Natural justice के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित होता है।