सारांश
On 13 April 2026, the Supreme Court ने उस याचिका को सुनने के लिए स्वीकृति दी जो Rajasthan Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देती है। बेंच, जिसमें Chief Justice Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi शामिल हैं, ने Rajasthan Government और Centre को लिखित उत्तर देने के लिए नोटिस जारी किए।
मुख्य विकास
- याचिका का दावा है कि Act संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
- बेंच ने हलफनामे दाखिल करने के लिए समय-सारिणी निर्धारित की है, जो कानून की विस्तृत न्यायिक जांच को दर्शाती है।
- राज्य और संघ दोनों को संघवाद और व्यक्तिगत कानून की स्वायत्तता के संदर्भ में इस कानून की आवश्यकता को सिद्ध करने के लिए कहा गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह विधेयक 2025 में राजस्थान में कई हाई‑प्रोफ़ाइल रूपांतरण विवादों के बाद पारित किया गया था। यह unlawful conversion of religion को परिभाषित करता है और उन लोगों के लिए दंड निर्धारित करता है, जिनसे बल या धोखे द्वारा रूपांतरण करवाने के लिए दोषी पाया जाता है, जिसमें जेल की सजा और जुर्माना शामिल हैं।
UPSC प्रासंगिकता
अभ्यर्थियों के लिए, यह मामला कई मुख्य विषयों को उजागर करता है: संवैधानिक कानून (मौलिक अधिकारों और राज्य विधायन के बीच संतुलन), संघीय...
