Overview
Supreme Court, एक बेंच के माध्यम से Justice P.S. Narasimha और Justice Alok Aradhe द्वारा, SCBA द्वारा दायर रिट पेटिशन पर नोटिस जारी किया गया है। यह पेटिशन Apex Court के सामने कार्यरत वकीलों के लिए एक अलग कल्याण निधि की मांग करता है, यह तर्क देते हुए कि मौजूदा वैधानिक ढांचा एक शून्य बनाता है और संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन करता है।
Key Developments
- Supreme Court के प्रशासनिक पक्ष, Union of India, Bar Council of India और Bar Council of Delhi को नोटिस जारी किया गया।
- SCBA President Vikas Singh का तर्क है कि Advocates' Welfare Fund Act, 2001 Supreme Court का उल्लेख करता है लेकिन आय को Delhi Bar Council को निर्देशित करता है, जिससे SCBA बाहर रह जाता है।
- पेटिशन में Supreme Court Rules, 2013 में नया Rule 15A जोड़ने का प्रस्ताव है, जिससे हर दायर vakalatnama पर ₹500 (या कोर्ट‑निर्धारित) कल्याण स्टैम्प अनिवार्य किया जाए।
- प्रस्तावित निधि को Chief Justice of India या उनके नामित जज के अधीन एक उच्च‑स्तरीय समिति द्वारा, SCBA के ऑफिस‑बियर्स के साथ मिलकर प्रबंधित किया जाएगा।
- पेटिशन में Article 14, Article 21 और Article 19(1)(g) के उल्लंघन का हवाला दिया गया है।
Important Facts
- 2001 के अधिनियम की Section 27 सभी अदालतों में दायर वकालतनामा पर welfare stamp लगाना अनिवार्य करती है,