Supreme Court ने YouTuber Elvish Yadav के विरुद्ध स्नेक‑वेनम केस में FIR को रद्द किया, नई Wildlife शिकायत की अनुमति दी — UPSC Current Affairs | March 19, 2026
Supreme Court ने YouTuber Elvish Yadav के विरुद्ध स्नेक‑वेनम केस में FIR को रद्द किया, नई Wildlife शिकायत की अनुमति दी
Supreme Court ने दो‑जजों की बेंच में YouTuber Elvish Yadav के विरुद्ध स्नेक वेनम के दुरुपयोग और ड्रग‑संबंधित रेव पार्टीज़ के आरोपों से FIR को रद्द कर दिया, यह कहा कि NDPS Act और Wildlife (Protection) Act को सही ढंग से लागू नहीं किया गया था। कोर्ट ने आदेश दिया कि आगे की कोई भी कार्रवाई Section 55 of the Wildlife Act के तहत उचित शिकायत द्वारा एक सक्षम प्राधिकारी द्वारा शुरू की जानी चाहिए, जिससे आपराधिक अभियोजन में प्रक्रियात्मक सुरक्षा पर बल दिया गया।
समीक्षा Supreme Court ने 19 March 2026 को लोकप्रिय YouTuber Elvish Yadav के विरुद्ध दायर आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया, जिसमें वीडियो शूट्स में स्नेक वेनम के उपयोग और ड्रग‑भरी रेव पार्टियों में शामिल होने का आरोप था। बेंच, जिसमें Justice M M Sundresh और Justice N Kotiswar Singh शामिल थे, ने अपना विश्लेषण दो वैधानिक प्रश्नों तक सीमित किया: NDPS Act की लागूता और Wildlife (Protection) Act के तहत कार्यवाही की वैधता। मुख्य विकास कोर्ट ने कहा कि सह‑आरोपी से जब्त की गई वस्तु – एक snake‑venom एंटीडोट – NDPS Act के Section 2(23) के शेड्यूल में नहीं आती, जिससे NDPS आरोप अस्थिर हो जाता है। Wildlife Act के Section 55 के अनुसार शिकायत एक "duly authorised officer" द्वारा दायर की जानी चाहिए। FIR People For Animals (PFA) के Gaurav Gupta की शिकायत से उत्पन्न हुई, जो इस अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं। परिणामस्वरूप, FIR को गैर‑रखरखाव योग्य माना गया। बेंच ने नोट किया कि IPC के तहत कोई अलग अपराध स्थापित नहीं किए गए, क्योंकि उन्हें पहले की शिकायत में सम्मिलित कर दिया गया था जो पहले ही बंद हो चुकी थी। जबकि FIR को रद्द किया गया, कोर्ट ने स्पष्ट रूप से Yadav को "clean chit" देने से इनकार किया, और यदि साक्ष्य आगे की कार्रवाई का समर्थन करते हैं तो उपयुक्त प्राधिकारी को नई, कानूनी रूप से अनुपालन वाली शिकायत दाखिल करने का निर्देश दिया। महत्वपूर्ण तथ्य • केस संख्या: SLP(Crl) No. 11480/2025 • पक्षकार: Elvish Yadav @ Siddharth v. State of UP and Anr. • पूर्व आदेश: Allahabad High Court ने Yadav की याचिका 12 May 2025 को खारिज कर दी। • अंतरिम राहत: Supreme Court ने 6 August 2025 को ट्रायल‑कोर्ट की कार्यवाही को स्थगित किया। UPSC प्रासंगिकता इस निर्णय द्वारा उजागर किए गए प्रक्रियात्मक बारीकियों को समझना GS 2 (Polity) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।