28 May 2026 को जारी नवीनतम वार्षिक जलवायु रिपोर्ट चेतावनी देती है कि वैश्विक निकट‑सतही तापमान अगले पाँच वर्षों में रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुँचेंगे, जबकि आर्कटिक गर्मी दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में बहुत तेज़ी से बढ़ रही है।
मुख्य विकास
- वैश्विक औसत तापमान प्री‑इंडस्ट्रियल अवधि से 1.3°C से 1.9°C के बीच रहने की भविष्यवाणी है।
- 2026‑2030 के बीच कम से कम एक वर्ष के लिए 1.5°C सीमा का अस्थायी उल्लंघन होने की उच्च संभावना है।
- वर्ष 2024, जिसने पहले ही सबसे गर्म वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ा था, 2030 से पहले फिर से पार किया जा सकता है।
- आर्कटिक शीतकालीन तापमान 1991‑2020 के बेसलाइन से लगभग 2.8°C बढ़ने की उम्मीद है – जो वैश्विक औसत वृद्धि से 3½ गुना अधिक है।
- बारेंट्स सागर, बेरिंग सागर और ओखोट्स्क सागर में समुद्री बर्फ अगले पाँच वर्षों में प्रत्येक मार्च में पिघलने की संभावना है।
- मई‑सितंबर के दौरान उत्तरी यूरोप, अलास्का, साइबेरिया और सहेल में अधिक वर्षा की भविष्यवाणी है, जबकि अमेज़न में अधिक शुष्क मौसम हो सकता है।
- इस शीतकाल में एक मजबूत El Niño की उम्मीद है और यह 2027 तक जारी रह सकता है, जिससे तापमान और बढ़ेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह रिपोर्ट UN मौसम एजेंसी और Met Office का संयुक्त प्रयास है। Met Office की रिसर्च वैज्ञानिक Melissa Seabrook ने कहा कि जलवायु‑गर्माव की प्रवृत्ति स्पष्ट है।
Paris Agreement का लक्ष्य दीर्घकालिक गर्मी को 1.5°C से नीचे रखना है। एक अस्थायी उल्लंघन का अर्थ यह नहीं है कि समझौता विफल हो गया है, बल्कि यह संकेत देता है कि सीमा से नीचे रहने का समय तेजी से समाप्त हो रहा है।
UPSC प्रासंगिकता
इन प्रक्षेपणों को समझना कई UPSC विषयों के लिए महत्वपूर्ण है:
- अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताएँ (GS3: Environment) – रिपोर्ट मापती है