Overview
Dr. Jitendra Singh, Union Minister of State (Independent Charge) for Science & Technology, ने 2nd Global Symposium on Resource Efficiency and Circular Economy को नई दिल्ली में संबोधित किया। उन्होंने सर्कुलर इकोनॉमी की ओर वैश्विक बदलाव को रेखांकित किया, जहाँ कचरे को मूल्य के स्रोत के रूप में पुनः कल्पना की जाती है।
Key Developments
- सरकार ने **₹4,000 करोड़** स्क्रैप से कमाए, जिसमें E‑Waste शामिल है, Swachhata campaign के दौरान।
- उभरता मॉडल बायोटेक्नोलॉजी‑आधारित नवाचारों और उन्नत रीसाइक्लिंग तकनीकों द्वारा संचालित है।
- एक समय में कचरा माने जाने वाले पदार्थ—प्लास्टिक, उपयोग किया हुआ खाना पकाने का तेल, स्टील स्लैग—अब सड़क‑निर्माण इनपुट, बायो‑ईंधन और वाणिज्यिक औद्योगिक सामग्री में परिवर्तित किए जा रहे हैं।
- स्टार्ट‑अप, MSMEs और अनौपचारिक क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे नई आजीविका अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
- भारत का परिवर्तन 2070 तक नेट‑जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने की प्रतिबद्धता के साथ संरेखित है।
Important Facts
सिंपोज़ियम ने सरकारी अधिकारियों, उद्योग नेताओं, अनुसंधान संस्थानों और यूरोपीय एवं जर्मन मिशनों की प्रतिनिधियों को, साथ ही Resource Efficiency and Circular Economy Industry Alliance को एकत्र किया। Dr. Jitendra Kumar, Managing Director of BIRAC, ने भारत की सर्कुलर प्रथाओं की सांस्कृतिक विरासत और इसे आधुनिक विज्ञान के साथ मिलाने की आवश्यकता को उजागर किया।
UPSC Relevance
सर्कुलर इकोनॉमी की ओर बदलाव को समझना GS3 (Economy) के लिए आवश्यक है क्योंकि यह पर्यावरण को जोड़ता है।
