भारत की उच्च न्यायपालिका में महिला प्रतिनिधित्व – फ़रवरी 2026
Data released by the Ministry of Law and Justice on 6 February 2026 दिखाता है कि महिलाओं की संख्या देश के उच्च न्यायालयों में अभी भी अल्पसंख्यक है। कुल 781 जज की शक्ति में से High Courts में केवल 116 महिलाएँ (≈ 14.85%) हैं। Supreme Court में एक ही महिला जज हैं, Justice B.V. Nagarathna, कुल 33 जज में से (≈ 3%)।
Key Developments (Bullet Points)
- महिलाएँ कुल High Court शक्ति का 14.85% बनाती हैं (116/781)।
- सुप्रीम कोर्ट में केवल 1 महिला जज सेवा करती हैं (Justice B.V. Nagarathna)।
- सुप्रीम कोर्ट में अब तक की सबसे अधिक महिला संख्या चार थी, जो सितंबर 2021 की नियुक्तियों के बाद थी।
- On International Women’s Day, CJI Surya Kant ने बेंच पर लैंगिक संतुलन सुधारने के उपायों की अपील की।
- महिला जज लगभग 37% district judiciary का हिस्सा बनाते हैं।
Important Facts – Court‑wise Distribution
Punjab & Haryana High Court 18 महिला जज (उसकी 61‑जज शक्ति का 29.51%) के साथ अग्रणी है। दिल्ली और मद्रास हाई कोर्ट क्रमशः 10 महिलाएँ (22.73% और 18.87%) के साथ पीछे हैं। छोटे कोर्ट मिश्रित प्रदर्शन दिखाते हैं: सिक्किम सबसे अधिक प्रतिशत (33.33%) दर्ज करता है लेकिन यह एक ही जज पर आधारित है, जबकि मध्य प्रदेश, इलाहाबाद, केरल, झारखंड, छत्तीसगढ़, पटना, और ओडिशा 10% से कम पर हैं।
तीन हाई कोर्ट—मणिपुर, त्रिपुरा, और उत्तराखंड—वर्तमान में शून्य महिला जज हैं।
Exam Relevance
न्यायपालिका की लैंगिक संरचना को समझना GS2: Polity — covers the Constitution, governance, and inst के लिए महत्वपूर्ण है।