अवलोकन
चेन्नई में, 25‑वर्षीय Nagireddy Sriramyachandra अपने सिर पर स्मार्टफ़ोन बांधती हैं और आम काटते हुए खुद को रिकॉर्ड करती हैं। वह प्रत्येक चार‑मिनट के वीडियो के लिए लगभग 250 रुपये प्रति घंटे (≈ $2) कमाती हैं। कंपनियां जैसे NITI Aayog नोट करती हैं कि यह कार्य भारत में AI data annotation services के तेजी से बढ़ते सेक्टर का हिस्सा है।
मुख्य विकास
- तमिलनाडु और बेंगलुरु में कार्यकर्ता सिर‑पर‑लगाए कैमरों को पहनते हैं ताकि रोबोट प्रशिक्षण के लिए egocentric डेटा कैप्चर किया जा सके।
- Objectways, एक डेटा‑संग्रह कंपनी, Fortune‑500 ग्राहकों को डेटा सप्लाई करने के लिए Amazon SageMaker के साथ साझेदारी करती है।
- Morgan Stanley का अनुमान है कि 2050 तक विश्वभर में एक बिलियन से अधिक humanoid रोबोट उपयोग में होंगे, मुख्यतः औद्योगिक कार्यों के लिए।
- फूल‑मालाओं जैसे अनौपचारिक कार्यकर्ताओं को भी कैमरे पहनने के लिए भर्ती किया जा रहा है, जिससे श्रम पूल का विस्तार हो रहा है।
- विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि स्वचालन 490 मिलियन अनौपचारिक कार्यकर्ताओं को प्रभावित कर सकता है जब तक नीति उपाय नहीं किए जाते।
महत्वपूर्ण तथ्य
सामान्य प्रशिक्षक प्रतिदिन लगभग 90 वीडियो रिकॉर्ड करता है, प्रत्येक चार मिनट के होते हैं, और बिस्तर या रसोई काउंटर पर सभी संभावित स्थितियों को कवर करता है। स्टूडियो पूरी तरह सुसज्जित अपार्टमेंट बनाते हैं; कई हजार घंटों के बाद वॉलपेपर बदल दिया जाता है ताकि ग्राहकों को दृश्य विविधता मिल सके। कुछ योगदानकर्ता कलाई, हाथ और पैर पर मोशन‑सेंसर बैंड पहनते हैं ताकि सूक्ष्म गति डेटा कैप्चर किया जा सके। उप‑ठेकेदार जैसे Andhra Pradesh में Qanat Consulting Services लगभग एक दर्जन बड़े डेटा फर्मों को रिकॉर्डिंग सप्लाई करते हैं। spatial AI इकोसिस्टम इस प्रकार हजारों कम‑कौशल नौकरियां बनाता है जबकि वैश्विक रोबोट बाजार को डेटा प्रदान करता है।