समीक्षा
The SIPRI Yearbook 2026 records a historic rise in सैन्य खर्च. Global spend reached $2.9 trillion in 2025 – 2.5 % of world GDP – marking the eleventh consecutive year of increase.
वैश्विक सैन्य खर्च रिकॉर्ड
- United States: $954 billion (≈32.9 % विश्व कुल का, YoY में 7.5 % गिरावट)
- China: $336 billion (विश्व कुल का 12 %)
- Russia: $190 billion (6.6 %)
- Germany: $114 billion (3.9 %)
- India: $92.1 billion (3.2 %, YoY में 8.9 % वृद्धि)
India’s रक्षा खर्च
India का $92.1 billion खर्च 2025 में इसे पाँचवें सबसे बड़े खर्चकर्ता बनाता है, पहली बार United Kingdom को पीछे छोड़ते हुए। यह वृद्धि उच्च खरीद, प्लेटफ़ॉर्म के आधुनिकीकरण और बढ़ते कर्मी लागत को दर्शाती है।
हथियार स्थानांतरण और India की स्थिति
International हथियार स्थानांतरण ने 2021‑25 में शीतयुद्ध‑उपरांत शिखर पर पहुंचा, 2016‑20 की तुलना में 9.2 % वृद्धि। United States, France, Russia, Germany और China मिलकर निर्यात का 70 % हिस्सा बनाते हैं। India दूसरा सबसे बड़ा आयातकर्ता बनकर वैश्विक आयात का 8.2 % प्रतिनिधित्व करता है।
परमाणु हथियारभंडार अपडेट
SIPRI के अनुसार, जनवरी 2026 में विश्व के पास 12,187 परमाणु वारहेड थे। शीर्ष पाँच धारणकर्ता अभी भी Russia (5,420) और United States (5,042) हैं। India का स्टॉकपाइल ≈190 वारहेड है, जो पिछले वर्ष से मामूली वृद्धि है, जबकि Pakistan के पास लगभग 170 हैं।
मुख्य संघर्ष बिंदु – India‑Pakistan साइबर संघर्ष
SIPRI ने मई 7‑10, 2025 के India‑Pakistan टकराव को एक खतरनाक संघर्ष बिंदु के रूप में चिन्हित किया। दोनों पक्षों ने हवाई और मिसाइल बेसों पर पारंपरिक हमले किए, कुछ में nuclear‑related भूमिकाएँ थीं, और पहली बार खुले cyber‑attacks को सशस्त्र संघर्ष के हिस्से के रूप में उपयोग किया। बढ़ोतरी के बावजूद, कूटनीतिक चैनलों ने nuclear exchange को रोक दिया।
उभरते अस्थिर करने वाले रुझान
- Nuclear‑conventional entanglement एक “ग्रे एरिया” बनाता है जो ट्रिगर कर सकता है