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MoEFCC‑WII कार्यशाला ने 77 रेलवे खंडों पर ... | UPSC Current Affairs

MoEFCC‑WII कार्यशाला ने 77 रेलवे खंडों पर हाथी‑ट्रेन टक्करों को कम करने के लिए 705 शमन संरचनाओं की रूपरेखा तैयार की

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने वन्यजीव संस्थान भारत (WII) के साथ मिलकर हाथी‑ट्रेन टक्करों के शमन उपायों को अंतिम रूप देने के लिए दो‑दिन की कार्यशाला आयोजित की। 1,965 किमी को कवर करने वाले सत्तहत्तर रेलवे खंडों को प्राथमिकता दी गई, और 705 संरचनाओं—जिसमें अंडरपास, ओवरपास और AI‑आधारित प्रारंभिक चेताव…
MoEFCC‑WII कार्यशाला हाथी‑ट्रेन टक्करों को कम करने पर MoEFCC और WII ने “रेलवे ट्रैकों पर हाथी मृत्यु को कम करने के लिए नीति कार्यान्वयन” विषय पर दो‑दिन की राष्ट्रीय कार्यशाला (10‑11 March 2026) आयोजित की। MoEFCC के Project Elephant, Ministry of Railways, राज्य वन विभागों और प्रमुख वैज्ञानिकों के 40 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य विकास हाथी क्षेत्रों में 110 संवेदनशील रेलवे खंडों और बाघ-रेंज राज्यों में अतिरिक्त 17 खंडों की पहचान की गई। संयुक्त फील्ड सर्वेक्षणों में 127 खंड (3,452.4 km) शामिल थे; शमन के लिए 14 राज्यों में 77 खंड (1,965.2 km) को प्राथमिकता दी गई। 705 शमन संरचनाओं की सिफारिश की गई: 503 रैंप/लेवल क्रॉसिंग, 72 पुल संशोधन, 39 बाड़/खाइयाँ, 4 निकास रैंप, 65 नए अंडरपास और 22 ओवरपास। North East Frontier Railway के 64 km में DAS‑आधारित IDS की पायलट तैनाती और North Bengal तथा Odisha में दोहराव। Madukkarai, Tamil Nadu में 12 थर्मल‑मोशन कैमरों का उपयोग करके AI‑आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित की गई, जो ट्रैक से 100 m के भीतर अधिकारियों को सतर्क करती है। Gevra‑Pendra लाइन (Chhattisgarh) और Azara‑Kamakhya उन्नयन (Assam) जैसे नए प्रोजेक्ट्स में वन्यजीव‑मित्र डिज़ाइन को शामिल किया गया। महत्वपूर्ण तथ्य भारत में वैश्विक एशियाई हाथी जनसंख्या का 60 % से अधिक हिस्सा स्थित है, जिनके आवास पूर्व, उत्तर‑पूर्व, दक्षिण और मध्य क्षेत्रों में हैं। रेलवे विस्तार ने Assam, West Bengal, Uttarakhand, Odisha, Tamil Nadu, Karnataka, Kerala, Chhattisgarh और Jharkhand जैसे राज्यों में मृत्यु दर को बढ़ा दिया है। कार्यशाला ने चार प्रमुख टक्कर कारणों को उजागर किया: आवास का टुकड़ापन, भूमि‑उपयोग परिवर्तन, उच्च ट्रेन गति (विशेषकर रात में) और मौसमी हाथी प्रवास। UPSC प्रासंगिकता यह पहल
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Quick Reference

Key Insight

हाथी‑ट्रेन टकराव को कम करना: 77 रेलवे खंडों पर 705 संरचनाएँ अंतर‑एजेंसी संरक्षण नीति को दर्शाती हैं

Key Facts

  1. कार्यशाला 10‑11 मार्च 2026 को वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून में आयोजित की गई, जो MoEFCC, WII और रेलवे मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित थी।
  2. हाथी क्षेत्रों में 110 वन्यजीव‑संवेदनशील रेलवे खंड और बाघ‑रेंज राज्यों में 17 पहचाने गए; 14 राज्यों में 77 खंड (1,965.2 किमी) को प्राथमिकता दी गई।
  3. सिफारिश की गई 705 शमन संरचनाएँ: 503 रैंप/लेवल क्रॉसिंग, 72 पुल संशोधन, 39 बाड़/खाई, 4 निकास रैंप, 65 अंडरपास और 22 ओवरपास।
  4. DAS‑आधारित इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम को नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे में 64.03 किमी के हाथी कॉरिडोर पर तैनात किया गया; AI‑आधारित अर्ली‑वॉर्निंग सिस्टम मदुक्कराई, तमिलनाडु में 12 टॉवर‑माउंटेड कैमरों के साथ स्थापित किया गया।
  5. भारत में विश्व के एशियाई हाथी जनसंख्या का >60% रहता है; रेलवे‑संबंधी हाथी मौतें असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़ और झारखंड में तेज़ी से बढ़ी हैं।
  6. प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992 में लॉन्च किया गया) संस्थागत ढांचा प्रदान करता है; कार्यशाला MoEFCC, रेलवे और वन्यजीव अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वित कार्रवाई को रेखांकित करती है।

Background

हाथी‑समृद्ध परिदृश्यों में रेलवे विस्तार वन्यजीव मृत्यु का एक प्रमुख कारण बन गया है, जो जैव विविधता संधि और राष्ट्रीय वन्यजीव कार्य योजना के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को चुनौती देता है। MoEFCC‑Railways कार्यशाला संरक्षण विज्ञान को बुनियादी ढांचा योजना के साथ एकीकृत करती है, जो पर्यावरण, प्रौद्योगिकी और सतत विकास के संगम को दर्शाती है, जैसा कि UPSC पाठ्यक्रम में 강조 किया गया है।

UPSC Syllabus

  • Prelims_GS — Ecology and Biodiversity
  • Essay — Environment and Sustainability
  • GS3 — Biodiversity and its Conservation
  • GS3 — Conservation, environmental pollution and degradation
  • Essay — Economy, Development and Inequality
  • Prelims_GS — Physical Geography of India
  • Prelims_CSAT — Decision Making
  • Essay — Science, Technology and Society
  • GS1 — Population and Associated Issues
  • GS3 — Infrastructure - Energy, Ports, Roads, Airports, Railways
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GS370% Exam RelevanceBiodiversity & Conservation
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Overview

Full Article

MoEFCC‑WII कार्यशाला हाथी‑ट्रेन टक्करों को कम करने पर

MoEFCC और WII ने “रेलवे ट्रैकों पर हाथी मृत्यु को कम करने के लिए नीति कार्यान्वयन” विषय पर दो‑दिन की राष्ट्रीय कार्यशाला (10‑11 March 2026) आयोजित की। MoEFCC के Project Elephant, Ministry of Railways, राज्य वन विभागों और प्रमुख वैज्ञानिकों के 40 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्य विकास

  • हाथी क्षेत्रों में 110 संवेदनशील रेलवे खंडों और बाघ-रेंज राज्यों में अतिरिक्त 17 खंडों की पहचान की गई।
  • संयुक्त फील्ड सर्वेक्षणों में 127 खंड (3,452.4 km) शामिल थे; शमन के लिए 14 राज्यों में 77 खंड (1,965.2 km) को प्राथमिकता दी गई।
  • 705 शमन संरचनाओं की सिफारिश की गई: 503 रैंप/लेवल क्रॉसिंग, 72 पुल संशोधन, 39 बाड़/खाइयाँ, 4 निकास रैंप, 65 नए अंडरपास और 22 ओवरपास।
  • North East Frontier Railway के 64 km में DAS‑आधारित IDS की पायलट तैनाती और North Bengal तथा Odisha में दोहराव।
  • Madukkarai, Tamil Nadu में 12 थर्मल‑मोशन कैमरों का उपयोग करके AI‑आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित की गई, जो ट्रैक से 100 m के भीतर अधिकारियों को सतर्क करती है।
  • Gevra‑Pendra लाइन (Chhattisgarh) और Azara‑Kamakhya उन्नयन (Assam) जैसे नए प्रोजेक्ट्स में वन्यजीव‑मित्र डिज़ाइन को शामिल किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य

भारत में वैश्विक एशियाई हाथी जनसंख्या का 60 % से अधिक हिस्सा स्थित है, जिनके आवास पूर्व, उत्तर‑पूर्व, दक्षिण और मध्य क्षेत्रों में हैं। रेलवे विस्तार ने Assam, West Bengal, Uttarakhand, Odisha, Tamil Nadu, Karnataka, Kerala, Chhattisgarh और Jharkhand जैसे राज्यों में मृत्यु दर को बढ़ा दिया है। कार्यशाला ने चार प्रमुख टक्कर कारणों को उजागर किया: आवास का टुकड़ापन, भूमि‑उपयोग परिवर्तन, उच्च ट्रेन गति (विशेषकर रात में) और मौसमी हाथी प्रवास।

UPSC प्रासंगिकता

यह पहल

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हाथी‑ट्रेन टकराव को कम करना: 77 रेलवे खंडों पर 705 संरचनाएँ अंतर‑एजेंसी संरक्षण नीति को दर्शाती हैं

Key Facts

  1. कार्यशाला 10‑11 मार्च 2026 को वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून में आयोजित की गई, जो MoEFCC, WII और रेलवे मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित थी।
  2. हाथी क्षेत्रों में 110 वन्यजीव‑संवेदनशील रेलवे खंड और बाघ‑रेंज राज्यों में 17 पहचाने गए; 14 राज्यों में 77 खंड (1,965.2 किमी) को प्राथमिकता दी गई।
  3. सिफारिश की गई 705 शमन संरचनाएँ: 503 रैंप/लेवल क्रॉसिंग, 72 पुल संशोधन, 39 बाड़/खाई, 4 निकास रैंप, 65 अंडरपास और 22 ओवरपास।
  4. DAS‑आधारित इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम को नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे में 64.03 किमी के हाथी कॉरिडोर पर तैनात किया गया; AI‑आधारित अर्ली‑वॉर्निंग सिस्टम मदुक्कराई, तमिलनाडु में 12 टॉवर‑माउंटेड कैमरों के साथ स्थापित किया गया।
  5. भारत में विश्व के एशियाई हाथी जनसंख्या का >60% रहता है; रेलवे‑संबंधी हाथी मौतें असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़ और झारखंड में तेज़ी से बढ़ी हैं।
  6. प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992 में लॉन्च किया गया) संस्थागत ढांचा प्रदान करता है; कार्यशाला MoEFCC, रेलवे और वन्यजीव अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वित कार्रवाई को रेखांकित करती है।

Background & Context

हाथी‑समृद्ध परिदृश्यों में रेलवे विस्तार वन्यजीव मृत्यु का एक प्रमुख कारण बन गया है, जो जैव विविधता संधि और राष्ट्रीय वन्यजीव कार्य योजना के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को चुनौती देता है। MoEFCC‑Railways कार्यशाला संरक्षण विज्ञान को बुनियादी ढांचा योजना के साथ एकीकृत करती है, जो पर्यावरण, प्रौद्योगिकी और सतत विकास के संगम को दर्शाती है, जैसा कि UPSC पाठ्यक्रम में 강조 किया गया है।

UPSC Syllabus Connections

Prelims_GS•Ecology and BiodiversityEssay•Environment and SustainabilityGS3•Biodiversity and its ConservationGS3•Conservation, environmental pollution and degradationEssay•Economy, Development and InequalityPrelims_GS•Physical Geography of IndiaPrelims_CSAT•Decision MakingEssay•Science, Technology and SocietyGS1•Population and Associated IssuesGS3•Infrastructure - Energy, Ports, Roads, Airports, Railways

Mains Answer Angle

GS‑III (पर्यावरण) उत्तर में, चर्चा करें कि प्रोजेक्ट एलीफेंट के तहत अंतर‑मंत्रीय समन्वय कैसे बुनियादी ढांचा विकास को जैव विविधता संरक्षण के साथ सामंजस्यित कर सकता है, 705 शमन संरचनाओं को नीति कार्यान्वयन मॉडल के रूप में उद्धृत करते हुए।

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