RBI और NABARD ने सहकारी बैंकों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जमा करने वालों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नियामक उपायों का एक समूह पेश किया है।
मुख्य विकास (2024‑2026)
- Banking Regulation Act में संशोधन गैर‑कार्यकारी निदेशकों के कार्यकाल को अधिकतम दस लगातार वर्षों तक सीमित करता है, जिससे शक्ति का एकत्रीकरण रोका जा सके।
- Multi‑State Cooperative Societies (MSCS) Act अब सदस्य की जमा, लाभ और अधिकारों संबंधी शिकायतों को सुलझाने के लिए एक Co‑operative Ombudsman की नियुक्ति अनिवार्य करता है।
- Co‑operative Election Authority की स्थापना सभी बहु‑राज्यीय सहकारी समाजों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की निगरानी के लिए की गई है।
- RBI द्वारा Master Direction on Fraud Management (2024) जारी किया गया, जिसमें रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल, प्राकृतिक‑न्याय सिद्धांत, प्रारम्भिक‑चेतावनी प्रणाली और ऑडिटर की जिम्मेदारियों का विवरण दिया गया है।
- वित्तीय संकट में पड़े सहकारी बैंकों के लिए RBI के Prompt Corrective Action (PCA) को सक्रिय किया गया, जिससे समय पर सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता बनती है।
- NABARD की Turn Around Plan (TAP) State Cooperative Banks (StCBs) और District Central Cooperative Banks (DCCBs) में हानि में कमी और संचालन दक्षता को लक्षित करती है।
- Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) की सुरक्षा जाल को सहकारी बैंकों तक विस्तारित किया गया, जिससे ...
