Background
2025‑26 Budget में, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित किया: भारत की स्थापित परमाणु क्षमता को 8,180 MW से बढ़ाकर 100 GW तक 2047 तक ले जाना। इसे साकार करने के लिए, सरकार ने SHANTI Act को तेज़ी से लागू किया, जिसने 1962 के Atomic Energy Act और 2010 के CLNDA को निरस्त किया।
Key Developments (December 2025)
- निजी कंपनियों को अब परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण, स्वामित्व और संचालन करने की अनुमति है।
- AERB को वैधानिक स्थिति मिली, जिससे निगरानी मजबूत हुई।
- देयता ढांचे में संशोधन किया गया ताकि घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
- 1962 के Atomic Energy Act और 2010 के CLNDA को निरस्त किया गया।
Important Facts
• जून 2025 तक, भारत की कुल उत्पादन क्षमता 476 GW थी, जिसमें 50 % गैर‑फॉसिल (नवीकरणीय 227 GW + परमाणु 8.8 GW) शामिल है।
• नवीकरणीय उत्पादन ने 403 TWh (कुल 1,824 TWh का 22 %) योगदान दिया, जबकि थर्मल (कोयला) ने बिजली का 75 % भाग दिया।
• परमाणु का शेयर केवल 3 % था, जबकि क्षमता का 1.8 % था, जो इसकी बेसलोड भूमिका को दर्शाता है।
• Viksit Bharat लक्ष्य को पूरा करने के लिए, कुल क्षमता को 2,000 GW से अधिक होना चाहिए।
• वर्तमान परमाणु बेड़ा: 24 प्लांट (NPCIL) कुल 8,780 MW की क्षमता के साथ। डिज़ाइनों में Pressurised Heavy Water Reactor शामिल हैं।
