Overview
Supreme Court ने Bombay High Court के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जो BMC को प्रस्तावित Versova–Bhayandar coastal road के लिए लगभग 45,000 mangrove पेड़ हटाने की अनुमति देता है। कोर्ट ने यह रेखांकित किया कि High Court की शर्तें, विशेष रूप से परिपूरक वनीकरण की वार्षिक निगरानी, पर्याप्त हैं।
Key Developments
- Bench comprising Chief Justice of India Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi और Justice Vipul Pancholi ने पर्यावरण समूह Vanashakti द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।
- High Court का आदेश (12 Dec 2025) mangrove हटाने की अनुमति देता है, बशर्ते पुनर्स्थापन पर दस‑वर्षीय वार्षिक स्थिति रिपोर्टें प्रस्तुत की जाएँ।
- परियोजना 103.65 ha क्षेत्र में 45,675 mangrove काटेगी; 36,675 को स्थानांतरित किया जाएगा, 9,000 को स्थायी रूप से हटाया जाएगा।
- BMC Environmental Clearance (EC) Stage 1 के अनुसार Chandrapur district में समान क्षेत्र को वनीकरण करने का वचन देता है।
- Senior Advocate Chander Uday Singh ने तर्क दिया कि पूर्व‑स्थापित वनीकरण को पुनः उपयोग किया जा रहा है; Solicitor General Tushar Mehta ने परियोजना के लाभों की रक्षा की, जिसमें यात्रा समय में कमी और कार्बन उत्सर्जन में घटाव शामिल है।
Important Facts
कोर्ट ने नोट किया कि mangroves सामान्य जंगलों की तुलना में पाँच गुना अधिक दर से CO₂ अवशोषित करते हैं और प्राकृतिक बाधा प्रदान करते हैं।
