मुख्य बिंदु
The Supreme Court heard arguments on 13 August 2026 over the Cauvery water sharing between Karnataka and Tamil Nadu. Karnataka claimed that unusually good rainfall in a distress year allowed it to exceed the water‑release order of the CWMA. Tamil Nadu contested the claim, saying the releases were forced by spillage and not voluntary.
मुख्य विकास
- Karnataka ने 29 July से 10 August 2026 के बीच अपने जलाशयों से 1,64,080 cusecs जारी किए।
- इंटर‑स्टेट सीमा Biligundlu पर मापी गई प्रवाह 86,797 cusecs थी, जो 9वें CWRC सिफ़ारिश के तहत अपेक्षित 45,500 cusecs से लगभग दोगुनी थी।
- The CWRC ने Karnataka को 15 दिनों के लिए प्रतिदिन 12,000 cusecs रिलीज़ करने का निर्देश दिया था।
- Tamil Nadu ने एक हलफ़नामा दायर किया जिसमें कहा गया कि केवल 19.49 % आवंटित जल प्राप्त हुआ है और 12 August तक 21.357 TMC का बैकलॉग मौजूद था।
- Karnataka के जलाशय (KRS, Harangi, Hemavathy) 77 % से 98 % तक भरे हुए थे, जो Wayanad‑Kabini जलसंचयन क्षेत्र में अच्छी वर्षा के कारण था।
महत्वपूर्ण तथ्य एवं आँकड़े
• cusec मानक प्रवाह इकाई है; 1 cusec = 28.317 litres per second.
• TMC जलाशय भंडारण के लिए उपयोग किया जाता है; Karnataka के KRS ने 28 July से 11 August के बीच 17.039 TMC से बढ़कर 30.904 TMC तक पहुंचा।
• इस क्षेत्र ने El Niño द्वारा प्रेरित संकटपूर्ण वर्ष का अनुभव किया, जिससे वर्षा‑आधारित अधिशेष उल्लेखनीय बन गया।
UPSC प्रासंगिकता
• अंतर‑राज्य नदी विवाद संविधान के Article 262 के अनुप्रयोग और Cauvery Water Di जैसे ट्रिब्यूनलों की भूमिका की परीक्षा लेते हैं।
Headline: Supreme Court ने Karnataka के बारिश‑से‑प्रेरित अतिरिक्त रिलीज़ को Cauvery विवाद में जांचा। AI Summary: Supreme Court ने 13 Aug 2026 को Karnataka के इस दावे की जांच की कि भारी मानसून वर्षा ने इसे Cauvery जल‑रिलीज़ आदेश से अधिक करने दिया, जबकि Tamil Nadu ने बड़े बैकलॉग की चेतावनी दी। अभ्यर्थियों को इस विवाद को Article 262, CWMA और CWRC की भूमिकाओं, और जलवायु‑प्रेरित जल परिवर्तनशीलता के अंतर‑राज्य जल साझाकरण पर प्रभाव से जोड़ना चाहिए। Context: भारत में अंतर‑राज्य नदी विवाद Article 262 द्वारा शासित हैं, जो संसद को उनके निपटारे के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है और न्यायिक हस्तक्षेप को सीमित करता है। Cauvery Water Management Authority ट्रिब्यूनल आदेशों को लागू करती है, जबकि Cauvery Water Regulation Committee दैनिक रिलीज़ मात्रा पर सलाह देती है। El Niño जैसी जलवायु विसंगतियां मानसून‑निर्भर जल उपलब्धता को अस्थिर बनाती हैं, जिससे जल सुरक्षा और संघीय सहयोग के लिए नीति चुनौतियां उत्पन्न होती हैं। Mains angle: GS‑2 (Polity) और GS‑3 (Economy/Environment) अभ्यर्थी संविधानिक आधार, CWMA और CWRC की भूमिका, और जलवायु‑अनुकूल जल आवंटन की आवश्यकता पर चर्चा कर सकते हैं। एक संभावित प्रश्न: ‘भारत में अंतर‑राज्य जल विवादों को सुलझाने में मौजूदा संस्थागत तंत्र की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करें।’