Overview
On 23 April 2026, the Supreme Court ने Directorate of Enforcement (ED) से पूछा कि क्या वह ‘breakdown of constitutional machinery’ का मामला बनाना चाहता है West Bengal में। यह प्रश्न अस्थायी रूप से एजेंसी की I‑PAC परिसर पर छापेमारी से संबंधित उत्तर को रोकता है, जो Mamata Banerjee, वरिष्ठ राज्य पुलिस अधिकारी और नौकरशाहों द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है।
Key Developments
- Justice N.V. Anjaria, Justice Prashant Kumar Mishra के नेतृत्व वाले बेंच की ओर से बोलते हुए, ED के काउंसल को छापेमारी के संदर्भ में ‘breakdown of constitutional machinery’ का तर्क न रखने के लिए कहा।
- ED के काउंसल, Tushar Mehta, ने I‑PAC परिसर पर छापेमारी की रक्षा में एक उत्तर दाखिल किया।
- केंद्रीय जांचकर्ताओं द्वारा की गई छापेमारी ने कथित तौर पर ऐसे सामग्री को उजागर किया जो कोयला‑तस्करी मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को दोषी ठहरा सकता है।
- राज्य अधिकारियों, जिसमें मुख्य मंत्री का कार्यालय, पुलिस और नौकरशाह शामिल हैं, पर आरोप है कि उन्होंने rule of law का उल्लंघन किया, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर छापेमारी में ‘बिना अनुमति प्रवेश’ किया।
